बगहा के हरहा नदी में मिली सकरमाउथ कैटफिश मछली WTI विशेषज्ञ हैरत में

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बगहा से रवि राज गुप्ता की रिपोर्ट

बगहा के हरहा नदी में मिली सकरमाउथ कैटफिश मछली WTI विशेषज्ञ हैरत में
बुधवार की सुबह बनचहरी गांव के समीप हरहा नदी में मछली मारने के दौरान मछुआरे के जाल में फंसी अद्भुत मछली ।

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बुधवार की सुबह बनचहरी गांव के समीप हरहा नदी में मछली मारने के दौरान मछुआरे के जाल में फंसी अद्भुत मछली ।अजीबोगरीब मछली मिलने के बाद मछली को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई । VTR के साथ काम करने वाले संस्था WTI और WWF इस मछली को देखकर हैरत में है। नदी के सामने एक नया संकट मछली के रूप में आया जो यहां हजारों किलोमीटर दूर दक्षिण अमेरिका की अमेज़न नदी में पाई जाती है। मछली का नाम सकर्माउथ कैटफिश है। WWF के एरिया कोऑर्डिनेटर कमलेश मौर्या ने बताया कि यह चिंता का विषय है। क्योंकि यह मांसाहारी है, चंपारण के नदियों के लिए यह खतरनाक है। मछली हरहा नदी में मिली है । लेकिन इसका घर भारत के यहां से हजारों किलोमीटर दूर अमेरिका की अमेज़न नदी में है ।
पर्यावरण से जुड़े लोग जता रहे हैं चिंता ।
अजीब से मुंह वाली मछली को देख के इन लोगो ने दावा किया है कि स्थानीय नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र का यह मछली विनाश कर सकती है तथा इकोसिस्टम को तबाह कर सकती है।
आखिरकार हजारों किलोमीटर दूर मछली कहां से और कैसे पहुंची ये सोचनिय विषय बना हुआ है।
यह मछली अपनी अलग पहचान के वजह से लोग इसे एक्यूरम में पालते हैं। लेकिन एक्यूरम में काफी छोटी होती है। जबकि नदी में इसका आकार बढ़ गया है। हो सकता है कि किसी ने एक्यूरम से छोड़ा हो और इसका आकार धीरे-धीरे बढ़ गया हो। परिस्थितिकी तंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा इसलिए है क्योंकि यह मछली मांसाहारी है और आसपास के जीव-जंतुओं को खाकर जिंदा रहती है। इस वजह से यह किसी महत्वपूर्ण मछली या जीव को पनपने नहीं देती है । इस लिहाज से यह बिहार के नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा खतरा है।

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