जे एस कॉलेज में 3344 विद्यार्थियों के बीच केवल एक प्रश्न पत्र – रोहित देव

breaking News ताजा खबर प्रमुख खबरें राजनीति विचार

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जनता शिवरात्रि महाविद्यालय इकाई के द्वारा परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया गया। ज्ञात हो कि दिनांक 5 जुलाई को सब्सिडरी हिंदी की परीक्षा में 3344 विद्यार्थियों के बीच केवल एक प्रश्न पत्र बांटा गया और हद तो तब हो गई जब कुछ विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र का जेरोक्स दिया गया । जब मामला विद्यार्थी परिषद के पास पहुंचा, विद्यार्थी परिषद ने तुरंत विषय को संज्ञान में लेकर परीक्षा नियंत्रक से इस विषय पर बात की तो उन्होंने गोलमोल तरीके से समझाने का प्रयास किया। उसके बाद छात्रों ने आक्रोशित होकर परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया, आखिर जब सभी विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क ली जाती है तो सभी विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया ?
मौके पर उपस्थित जिला सहसंयोजक रोहित देव ने कहा कि पहले रजिस्ट्रेशन में त्रुटि, फिर एडमिट कार्ड में गलती और अब प्रश्न पत्र का घट जाना विद्यार्थियों के प्रति महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की उदासीनता को दर्शाता है। जब महाविद्यालय के पास सूची है कि परीक्षा में कितने विद्यार्थी शामिल होने वाले हैं, ऐसी परिस्थिति में भी प्रश्न पत्र आखिर कैसे घट सकता है ?  चार चार विद्यार्थियों के बीच एक प्रश्न पत्र बांट कर विद्यार्थियों को असमंजस की स्थिति में देखा गया।
मौके पर उपस्थित जिला एस०एफ० डी सह संयोजक सुमित पाठक ने कहा कि इस बार का परीक्षा शुरू से ही विवादों से घिरा रहा है। सबसे पहले सत्र 2020-23 में 2019 का प्रश्न पत्र बांट दिया गया, इसके बाद विद्यार्थियों के बीच प्रश्न पत्र की ही कमी हो गई है, और परीक्षा नियंत्रक से बात करने पर वह गोलमोल जवाब दे रहे है। हालांकि बाद में परीक्षा नियंत्रक ने अपनी गलती स्वीकारी और उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास विद्यार्थियों की संख्या का एग्जैक्ट डाटा नहीं था , जिस कारण हमें कम प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया गया था । इस कारण यह गलती हुई है,उन्होंने आश्वस्त भी किया की बाकी की परीक्षा में इस प्रकार की गलती नहीं होगी। इस मौके पर प्रकाश पांडे,अमन मिश्रा,भोला मिश्रा,सुजीत कुमार,अनिल गुप्ता, शुभांजली कुमारी,रिया कुमारी,दिव्यांश कुमार सहित दर्जनों छात्र छात्राएं मौजूद थे

Leave a Reply

Your email address will not be published.