श्री श्रवण कुमार, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग ने बताया है कि दिनांक 05 एवं 06 जनवरी 2023 को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भारत में जल संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयास के उद्देश्य से कुश भाऊ ठाकरे अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेशन सेन्टर भोपाल में प्रथम अखिल भारतीय राज्य मंत्रियों का सम्मेलन (Water Vision @ 2047) आयोजित की जा रही जिसमें उन्होंने आज 5 जनवरी 2023 को भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय के मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी के साथ भाग लिया।…

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त्रिलोकी नाथ प्रसाद:-श्री श्रवण कुमार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री जी द्वारा जलशक्ति अभियान का प्रारम्भ 1 जुलाई 2019 को किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जल की कमी को दूर करना, जल संचयन संरचनाओं की योजना बनाना है।

इस अभियान के प्रथम चरण में बिहार के 12 जिला के 30 प्रखण्डों को सम्मिलित किया गया है। जल शक्ति अभियान का दूसरा चरण 21 मार्च 2021 से आरम्भ किया गया है। जिसमें बिहार के सभी जिलों को सम्मिलित कर लिया गया है।

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री श्रवण कुमार माननीय मंत्री जी ने कहा पर्यावरण में हो रहे बदलाव के कारण जलवायु परिवर्त्तन से पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है। हमारा देश भी इससे अछूता नहीं है। बिहार सरकार ने इस समस्या की ओर अपना ध्यान दिया तथा इस दिशा में पहला कदम बढ़ाया बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार विधान मंडल सभी सदस्यों तथा सभ राजनीतिक दलो के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर जल-जीवन-हरियाली योजना का शुभारम्भ किया है। इस योजना के तहत चुने गये कुल 11 अवयवों पर तेजी से काम हो रहा है जो इस प्रकार हैः-

1. सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं यथा-तालाबों/पोखरों/आहरों/पईनों को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त करना।
2 सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं यथा-तालाबों/पोखरों/आहरों/पईनों का जीर्णोद्धार।
3 सार्वजनिक कुओं को चिन्हित कर उसका जीर्णोद्धार।
4 सार्वजनिक कुओं/चापाकलों के किनारे सोख्ता/रिचार्ज/अन्य जल संचयन संरचनाओं का निर्माण।
5 छोटी-छोटी नदियों/नालों में एवं पहाड़ी क्षेत्रों के जल संग्रहण क्षेत्रों में चेक डैम एवं जल संचयन में अन्य संरचनाओं का निर्माण।
6 नये जलों स्त्रोतों का सृजन एवं अधिशेष नदी जल क्षेत्र जल की कमी वाले क्षेत्रों में ले जाना।
7 भवनो में छत वर्षा जल संचयन के संरचना का निर्माण।
8 पौधशाला सृजन एवं संघन वृ़क्षारोपण।
9 वैकल्पिक फसलों, टपकन सिंचाई, जैविक खेती एवं अन्य तकनीकों का उपयोग।
10 सौर उर्जा उपयोग का प्रोत्साहन एवं उर्जा की बजत।
11 जल-जीवन-हरियाली जागरूकता अभियान।
इस योजना के तहत कई जल संरचनाओं पोखर, आहर का निर्माण किया गया है अब तक कुल 62,618 तालाब का निर्माण किया जा चुका है।