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किशनगंज : जूट मिल की जमीन पर कब्जा व अवैध खरीद-बिक्री का आरोप, डीएम से उच्चस्तरीय जांच की मांग

किशनगंज,30अप्रैल(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, किशनगंज प्रखंड अंतर्गत टेउसा पंचायत के शिमलबाड़ी स्थित जूट मिल की जमीन से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जमीन की कथित अवैध खरीद-बिक्री, कब्जा और दाखिल-खारिज में अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। इस संबंध में गुरुवार को जिला परिषद क्षेत्र संख्या-10 के सदस्य ई. नासिक नदीर ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि किशनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मौजा सिमलबाड़ी की जूट मिल की जमीन, जो पूर्व में जूट मिल कंपनी के नाम दर्ज थी, उसे भू-माफियाओं एवं कुछ पदाधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से तोड़कर विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर दाखिल-खारिज कर दिया गया। संबंधित जमीन खाता संख्या 104, 126, 22 तथा खेसरा संख्या 889, 890, 891, 894, 900, 949 में दर्ज है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिना उद्योग विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किए जमीन की खरीद-बिक्री की गई, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। साथ ही, दाखिल-खारिज प्रक्रिया में भी गंभीर गड़बड़ियों की आशंका जताई गई है।

जिला परिषद सदस्य ने मांग की है कि जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े सभी व्यक्तियों की संपत्ति की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। इस मामले की प्रतिलिपि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, किशनगंज पूर्णिया प्रमंडल आयुक्त सहित राज्य और केंद्र के विभिन्न विभागों को भी भेजी गई है।

उल्लेखनीय है कि शिमलबाड़ी स्थित जूट मिल का उद्घाटन वर्ष 2004 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन द्वारा किया गया था, लेकिन वर्षों से यह परियोजना बंद पड़ी है और अब इसकी जमीन पर अवैध गतिविधियों के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय विधायक द्वारा भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जा चुका है।

इधर, प्रशासन द्वारा पुनः जांच के आदेश दिए जाने के बाद भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, जिले में जूट की खेती भी घटती जा रही है। किसानों का कहना है कि अधिक मेहनत और कम मुनाफे के कारण वे इससे दूरी बना रहे हैं। हालांकि, जीविका समूह की महिलाएं जूट आधारित उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रही हैं।

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