किशनगंज : बाल हृदय योजना से नन्हे दिलों को मिल रही नई जिंदगी

किशनगंज,18मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं बाल हृदय योजना जिले में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निःशुल्क जांच, इलाज और बड़े अस्पतालों तक सुरक्षित रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे कई बच्चों को नया जीवन मिल रहा है।
इसी क्रम में सोमवार को जिले के दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईसी), पटना भेजा गया। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित अल्फाज हुसैन को एंबुलेंस से सदर अस्पताल किशनगंज से पटना रवाना किया गया, जबकि शिवांश कुमार ट्रेन के माध्यम से पटना गए। दोनों बच्चों का डिवाइस क्लोजर 20 एवं 21 मई को आईजीआईसी में किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के सुरक्षित रेफरल, चिकित्सकीय समन्वय एवं परिजनों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया है। आरबीएसके टीम लगातार बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम ने बताया कि आरबीएसके टीम जिलेभर में स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में बच्चों की नियमित जांच कर रही है। जांच के दौरान जन्मजात हृदय रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान होने पर बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार के लिए भेजा जाता है।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि बाल हृदय योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। पहले आर्थिक अभाव के कारण कई परिवार बच्चों का इलाज नहीं करा पाते थे, लेकिन अब सरकार निःशुल्क जांच, ऑपरेशन, रेफरल और परिवहन की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी बच्चे का इलाज आर्थिक तंगी के कारण प्रभावित न हो।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक कई बच्चों का सफल इलाज कराया जा चुका है। समय पर सर्जरी और उपचार के बाद बच्चे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं, जिससे परिवारों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट रही है।



