किशनगंज : संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए कई निर्देश

किशनगंज,18मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले में संभावित बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा विभिन्न विभागों की समन्वित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वर्षा मापक यंत्र की उपलब्धता, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं संकटग्रस्त समूहों की पहचान, तटबंधों की सुरक्षा, नावों की उपलब्धता तथा आवश्यक राहत सामग्रियों जैसे सत्तू, चूड़ा, गुड़, नमक, मोमबत्ती, दियासलाई और किरासन तेल की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
डीएम ने पॉलीथीन शीट, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, मोबाइल मेडिकल टीम, पशु चारा एवं दवा, शुद्ध पेयजल, जेनरेटर सेट, पेट्रोमेक्स तथा सड़कों की मरम्मती कार्यों को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने नाव, मोटर बोट एवं लाइफ जैकेट की आकस्मिक तैनाती सुनिश्चित करने तथा जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC-CR) को पूरी तरह सक्रिय रखने पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव दल गठन, मॉक ड्रिल, गोताखोरों एवं समुदाय के प्रशिक्षण, बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची अद्यतन करने तथा राहत राशि के व्यय की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही आपदा मित्रों के लंबित भुगतान शीघ्र करने एवं 31 मई से पूर्व बैठक आयोजित करने को कहा।
बैठक में किसान पंजीकरण कार्य की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि किसान पंजीकरण 20 मई से शुरू होगा। डीएम ने सभी प्रखंडों में इसकी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनगणना कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने तीन से चार दिनों के भीतर सेल्फ एन्यूमरेशन कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
सभी अंचल अधिकारियों को नाव संचालकों के साथ बैठक कर सरकारी नावों की मरम्मती एवं निजी नावों का निबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया। पीएचईडी विभाग को चापाकलों की मरम्मती कर पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया।
बैठक में एडीएम अमरेन्द्र कुमार पंकज, डीडीसी प्रदीप कुमार झा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी जफर आलम, वरीय उपसमाहर्ता सुनीता कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, जिला योजना पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे। प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।



