
रांची,30 जुलाई। राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बुधवार को नेपाल हाउस सचिवालय में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा बैठक में नगड़ी में फलों एवं सब्जियों के लिए मॉडल एकीकृत पैकहाउस एवं कृषि-प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी। इस केंद्र का संचालन आईसीएआर-एनआईएसए, नामकुम द्वारा किया जाएगा। इससे किसानों को वैज्ञानिक भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी उपज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेगी। बैठक में मंत्री ने मधुमक्खी पालन योजना के लिए समर्पित वेबसाइट विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभुक किसानों की प्रोफाइल, सफलता की कहानियां और मधु उत्पादों के लिए प्रभावी मार्केट लिंकेज वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि अन्य किसान भी प्रेरित हो सकें। मंत्री ने हाईटेक नर्सरी सह उद्यानिकी पार्क की स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा आईसीएआर-आईआईएचआर, बेंगलुरु से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) प्राप्त कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, गोधन न्याय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को भी कहा। उन्होंने उद्यानिकी आधारित लाभकारी खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर देते हुए योजनाओं को इसी दृष्टिकोण से संचालित करने का निर्देश दिया। साथ ही, उद्यान विकास योजनाओं में क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाने पर बल दिया, जिससे किसानों को बेहतर बाजार, तकनीकी सहयोग और अधिक आय सुनिश्चित हो सके। मंत्री ने उद्यान निदेशालय के सभी पांच सहायक निदेशकों को एक-एक प्रमंडल की जिम्मेदारी सौंपकर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और क्षेत्रीय निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक को संबोधित करते हुए शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र को आत्मनिर्भर, तकनीक-संपन्न और किसानोन्मुख बनाने के लिए परिणाम आधारित कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, ताकि झारखंड के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पाद राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें।
