किशनगंज : चेस क्रॉप्स ओपन शतरंज में रोहन बने चैंपियन, प्रत्युष ने हासिल किया दूसरा स्थान

किशनगंज, 14 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिला शतरंज संघ एवं उसके लर्निंग पार्टनर चेस क्रॉप्स अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को स्थानीय खेल भवन सह व्यायामशाला में चेस क्रॉप्स ओपन शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।प्रतियोगिता में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से लगभग चार दर्जन पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में पूर्व जिला चैंपियन रोहन कुमार ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं प्रत्युष कुमार ने द्वितीय स्थान हासिल कर उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। धान्वी कर्मकार तीसरे, आयुष कुमार चौथे तथा केशव मित्तल पांचवें स्थान पर रहे।
प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। अंडर-7 वर्ग में विदिशा दास, अंडर-9 में आदर्श भास्कर, अंडर-11 में रौनक साहा, अंडर-13 में सुरोनोय दास तथा अंडर-15 वर्ग में केशव मित्तल को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। इसके अलावा दिव्यांशु कुमार सिंह, सुधांशु सरकार, ऋषभ आनंद, लक्ष्य सिंह, रौनक साहा और चंद्रशेखर पाल सहित अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन ओरिएंटल पब्लिक स्कूल के प्राचार्य एवं जिला शतरंज संघ के वरीय उपाध्यक्ष आलोक कुमार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शतरंज विश्व के सबसे लोकप्रिय और मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय इंडोर खेलों में से एक है। उन्होंने खिलाड़ियों को पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और वर्तमान विश्व चैंपियन डी. गुकेश से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
संघ के मानद महासचिव शंकर नारायण दत्ता एवं चेस क्रॉप्स अकादमी के प्रमुख कमल कर्मकार ने बताया कि विजेताओं के बीच कुल 3,700 रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। पुरस्कार वितरण समारोह में सुजय कुमार मिश्रा, बासंती अग्रवाल, अभिषेक मिश्रा, वर्षा दफ्तरी, पिंकी भास्कर एवं सुनीता दत्ता दास सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के सफल संचालन में टूर्नामेंट डायरेक्टर रोहन कुमार, मुख्य निर्णायक सुधांशु सरकार तथा सहायक निर्णायक रौनक कुमार और राजकुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



