ठाकुरगंज : विकास की अधूरी तस्वीर और सिस्टम की लापरवाही

किशनगंज, 24 अगस्त (के.स.)। फ़रीद अहमद, नगर पंचायत पौआखाली में बुडको द्वारा शुरू कराया गया नाला निर्माण कार्य इन दिनों जनसुविधा की जगह जन-मुसीबत का कारण बन चुका है। निर्माण कार्य महीनों से ठप पड़ा है, लेकिन उससे भी खतरनाक बात यह है कि कार्यस्थल को बिना किसी सुरक्षात्मक उपाय के जस का तस खुला छोड़ दिया गया है। नाले का खुला छोड़ दिया गया हिस्सा अब हादसों और बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है।
जलजमाव और कचरे का अंबार
खुले पड़े नाले में जमा काला गंदा पानी और प्लास्टिक कचरे का ढेर अब सड़ांध मार रहा है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि आसपास के पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल रही है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए मुंह पर कपड़ा ढके बिना निकलना मुश्किल हो गया है। लोगों का जीना दुश्वार हो चुका है, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
स्वास्थ्य पर संकट मंडरा रहा है।
बरसात और गर्मी के इस मौसम में खुले नाले में जमा पानी मच्छरों और संक्रामक रोगों का खतरा पूरे इलाके पर मंडरा रहा है। जनस्वास्थ्य से जुड़ा इतना गंभीर मुद्दा होने के बावजूद न तो निर्माण एजेंसी (बुडको) के अधिकारियों को इसकी परवाह है और न ही स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है।
जवाबदेही किसकी ?
विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना होता है, न कि उनके दैनिक जीवन को नारकीय बनाना। अधूरी योजनाओं को इस तरह लावारिस छोड़ देना सीधे तौर पर कार्यदायी संस्था की घोर लापरवाही और प्रशासनिक निगरानी के अभाव को दर्शाता है।
मुख्य सवाल: आखिर कब तक पौआखाली की जनता इस बदबू और गंदगी के साए में जीने को मजबूर रहेगी?
अपेक्षा: संबंधित विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर खुले नाले की सफाई करानी चाहिए और बंद पड़े निर्माण कार्य को शीघ्र अति शीघ्र पूरा करना चाहिए ताकि आम लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।



