*सहकारिता मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने दरभंगा एवं सारण प्रमंडलों की विभागीय योजनाओं की समीक्षा की; धान अधिप्राप्ति, फसल सहायता, गोदाम निर्माण और सहकारी सेवाओं में तेजी लाने पर जोर*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग श्री राम कृपाल यादव ने दरभंगा एवं सारण प्रमंडल अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की तैयारियों, बिहार राज्य फसल सहायता योजना के लंबित मामलों, गोदाम निर्माण तथा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को वित्तीय एवं अन्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा की। माननीय मंत्री ने नवंबर माह में धान अधिप्राप्ति प्रारंभ होने के पूर्व खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ समन्वय बैठक कर राज्य खाद्य निगम की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिप्राप्ति से पूर्व सभी प्रकार की तैयारियाँ सुनिश्चित कर ली जाय। इस क्रम में भंडारण क्षमता को सुदृढ़ करना एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
*धान अधिप्राप्ति:* खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में दरभंगा प्रमंडल में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 2,41,105.15 मीट्रिक टन तथा सारण प्रमंडल में 2,49,323.12 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई। दोनों प्रमंडलों में लक्ष्य के क्रमशः 99.71 प्रतिशत एवं 99.88 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई। समीक्षा में अधिप्राप्त धान के समतुल्य चावल की राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की स्थिति भी देखी गई। माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि आगामी अधिप्राप्ति सत्र के लिए सभी स्तरों पर पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए तथा अधिप्राप्ति एवं चावल की आपूर्ति से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
*बिहार राज्य फसल सहायता योजना:* माननीय मंत्री ने खरीफ 2025 के अंतर्गत पात्र किसानों के मामलों में क्षेत्रीय निरीक्षण एवं बहुस्तरीय सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की। कई जिलों में निरीक्षण एवं सत्यापन के मामले लंबित पाए गए। उन्होंने लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने तथा पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
*गोदाम निर्माण:* समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत गोदामों के निर्माण की स्थिति, भूमि संबंधी समस्याओं तथा निविदा प्रक्रिया में आ रही बाधाओं पर चर्चा की गई। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत समस्तीपुर जिले में विभिन्न क्षमता वाले गोदामों का निर्माण अलग-अलग चरणों में है। माननीय मंत्री ने निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनके निराकरण के लिए संबंधित पदाधिकारियों के स्तर पर आवश्यक समन्वय करने तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा पर जोर दिया, ताकि गोदामों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा सके।
*कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) एवं बैंक मित्र:* सहकारी समितियों के माध्यम से डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की समीक्षा में दरभंगा प्रमंडल की 1,110 पैक्स समितियों में 846 तथा सारण प्रमंडल की 857 पैक्स समितियों में 561 की CSC आईडी बनाई गई है। इनमें क्रमशः 781 और 502 केंद्र सक्रिय हैं। ‘सहकारिता में सहयोग’ पहल के तहत माइक्रो एटीएम के वितरण एवं संचालन की भी समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने शेष माइक्रो एटीएम को बैंक मित्र के रूप में सक्रिय करने तथा सहकारी समितियों के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया। प्रत्येक DMA के माध्यम से प्रतिमाह कम-से-कम 100 बैंक खाते खोलने के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता बतायी गयी।
*वेजफेड एवं अन्य सहकारी गतिविधियाँ:* वेजफेड के अंतर्गत स्वीकृत आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी। दरभंगा प्रमंडल में 16 स्वीकृत परियोजनाओं में 11 निर्माणाधीन तथा 5 पूर्ण हैं। सारण प्रमंडल में 4 स्वीकृत परियोजनाओं में 2 निर्माणाधीन हैं। मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में प्रगति लाने तथा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया। पैक्स जन औषधि केंद्रों, जन वितरण प्रणाली की दुकानों के लाइसेंस तथा पैक्स समितियों के अंकेक्षण की स्थिति की भी समीक्षा की गयी।
*केसीसी ऋण:* वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 25 सितंबर 2026 तक दरभंगा प्रमंडल में 3,140 किसान क्रेडिट कार्ड खातों के माध्यम से ₹906.67 लाख तथा सारण प्रमंडल में 874 खातों के माध्यम से ₹399.13 लाख का ऋण वितरित किया गया। समीक्षा के दौरान किसानों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने की प्रगति पर चर्चा की गयी। सहकारी बैंकों एवं संबंधित समितियों के माध्यम से पात्र किसानों तक केसीसी ऋण की पहुँच बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया गया।
बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ लंबित मामलों, निर्माण कार्यों एवं सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई। बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह तथा दरभंगा एवं सारण प्रमंडल के साथ विभागीय मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
