District Adminstrationकिशनगंजबिहारब्रेकिंग न्यूज़स्वास्थ्य

किशनगंज : मां की पहली बूंद से मजबूत बचपन की नींव, स्तनपान बना शिशु की पहली सुरक्षा

टेढ़ागाछ के हेल्दी बेबी शो में अभिनंदन प्रथम, स्वीटी कुमारी द्वितीय और सनाया तृतीय

किशनगंज, 08 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जिले में माताओं और परिवारों को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करने का अभियान जारी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू कराने और छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध देने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार मां का पहला गाढ़ा पीला दूध कोलोस्ट्रम नवजात के लिए पोषण के साथ संक्रमण से बचाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से माताओं को बताया जा रहा है कि बच्चे का बार-बार स्तनपान करना हमेशा दूध की कमी का संकेत नहीं होता। शिशु के सही तरीके से स्तनपान करने से शरीर को अधिक दूध बनाने का संकेत मिलता है। प्रोलैक्टिन दूध बनने में मदद करता है, जबकि ऑक्सीटोसीन दूध के स्तन से बाहर आने की प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। ऐसे में शुरुआती दिनों में माताओं को सही जानकारी और परिवार का सहयोग मिलने से स्तनपान आसान हो सकता है।

सदर अस्पताल समेत जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ममता कार्यकर्ताओं द्वारा प्रसव के बाद माताओं को स्तनपान कराने का सही तरीका बताया जाता है। शिशु को स्तन से लगाने की सही स्थिति, स्तनपान की आवृत्ति और शुरुआती परेशानियों से निपटने के संबंध में भी जानकारी दी जाती है।इसी क्रम में टेढ़ागाछ प्रखंड में हेल्दी बेबी शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के स्वस्थ विकास, स्तनपान और उचित पोषण के महत्व का संदेश दिया गया। प्रतियोगिता में अभिनंदन ने प्रथम, स्वीटी कुमारी ने द्वितीय और सनाया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में माताओं और परिवारों को शिशु की नियमित देखभाल और पोषण के प्रति जागरूक किया गया।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जीवन के पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए। इस दौरान सामान्य परिस्थितियों में पानी, शहद, घुट्टी या अन्य खाद्य पदार्थ देने की आवश्यकता नहीं होती। छह माह के बाद स्तनपान जारी रखते हुए उम्र और जरूरत के अनुसार पूरक आहार शुरू किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि स्तनपान केवल शिशु के पोषण से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। इसके लिए परिवार को मां को पर्याप्त आराम, पौष्टिक भोजन और भावनात्मक सहयोग देना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर माताओं को सही जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराना है।

Related Articles

Back to top button