किशनगंज : पर्यावरण संरक्षण को लेकर डीएम ने दिए सख्त निर्देश, कचरा प्रबंधन और पौधरोपण पर जोर

किशनगंज, 08 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) एवं पर्यावरण समिति की मासिक समीक्षात्मक बैठक शनिवार को समाहरणालय स्तिथ सभागार में जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में पर्यावरण संरक्षण, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट तथा ठोस अपशिष्ट के समुचित प्रबंधन को लेकर अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान डीएम ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान डीएम ने जिला परियोजना पदाधिकारी, नमामि गंगे तथा सिविल सर्जन को जिले में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के प्रबंधन एवं निस्तारण की नियमित और सघन जांच जारी रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। इसके लिए संबंधित कर्मियों को उचित प्रशिक्षण देने तथा प्रत्येक क्षेत्र के लिए सुपरवाइजर नामित करने को कहा गया, ताकि कचरे का नियमित और समुचित उठाव हो सके।
डीएम ने जिले में संग्रहित ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जैविक कचरे से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने को प्रमुख उद्देश्य बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया, जिससे अधिक से अधिक जैविक खाद का उत्पादन और उपयोग सुनिश्चित हो सके।
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को शहर के प्रमुख मार्गों एवं सड़क किनारे उपयुक्त स्थलों पर पौधरोपण कराने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में जिला परियोजना पदाधिकारी, नमामि गंगे मंसूर आलम को प्रत्येक माह किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन नियमित रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।



