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सहरसा : जिले के बासुदेवा स्कूल में एमडीएम खाने से बीमार हुए बच्चे के मामले को राज्य कमिटी ने जांच की

सहरसा, 18 सितंबर (के.स.)। अजय कुमार, बिहार राज्य मीड डे मील वर्कर यूनियन सीटू एमडीएम और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी सीपीएम की जांच टीम ने गत 12 सितंबर को मध्य विद्यालय बासुदेवा में मध्याह्न भोजन खाने से बीमार पड़े दो दर्जन से अधिक बच्चे एवं उसके बाद की घटना की जांच पड़ताल बासुदेवा स्थल पर जाकर किया। जांच टीम में एमडीएम के राज्य महासचिव ब्यास प्रसाद यादव, सीपीएम के जिला सचिव कामरेड रणधीर यादव, सीपीएम के जिला सचिव मंडल सदस्य कामरेड कुलानन्द कुमार , एमडीएम के स्थानीय नेता कैलाश स्वर्णकार एवं निर्मल कुमार थे। जांच में कई गंभीर मामले उजागर हुए।

स्कूल शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष अयोधी मुखिया, ललन दास, वार्ड सदस्या श्रीमती लक्ष्मी देवी, ग्रामीण नुरो मुखिया, लाल मोहर मुखिया, महाजन मुखिया,हरेराम दास, ललिता देवी, प्रमोद मुखिया,अमर मुखिया,सुकन मुखिया,मिथुन मुखिया आदि ने कहा स्कूल में खाना बनाने वाली रसोईया के रहते हुए भी खाना एनजीओ द्वारा भेजा जाता है। डां भीमराव अम्बेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति द्वारा 144 स्कूल के हजारों बच्चों के खाना एक जगह से बनाकर स्कूल स्कूल भेजा जाता है। कब और कैसे खाना बनता है। वहां घर द्वार और वित बर्तन साफ सुथरा कैसे होता है। अनाज धुलाकर भोजन पकाया जाता है कि नहीं। साग सब्जी कैसा आता है तेल कैसा उपयोग करता है। इतने बच्चे का खाना कब बनता है की 11 बजे स्कूल स्कूल पहुंच जाता है। इस तरह का कई गंभीर सवाल खड़े किए।

इतने स्कूल का एक साथ एक एनजीओ को खाना बनाने का ठीका देने लेने वाले के बीच क्या डील होता है यह गंभीर सवाल है। उसमें भी जब हर स्कूल में खाना बनाने वाली रसोईया है तो फिर एक जगह इतने स्कूल का खाना एक जगह क्यों बनाया जाता है। कही बड़ा हेराफेरी तो नहीं है।

ग्रामीणों ने मांग किया कि रसोईया है तो स्कूल में ही खाना बनवाया जाय वरना एनजीओ द्वारा प्रदत्त भोजन बच्चे स्कूल में नहीं खायेंगे। एमडीएम के राज्य महासचिव ब्यास प्रसाद यादव ने कहा सरकार और एनजीओ के बीच लूट का बहुत बड़ा गठजोड़ है।

रसोईया से खाना नहीं बनवाकर एनजीओ से खाना बनवाना इसी बात को दर्शाता है। उन्होंने कहा जब से एनजीओ द्वारा स्कूल में खाना आने लगा है तब से जिले के स्कूल में बच्चे बड़े पैमाने पर बीमार हो रहे हैं। लेकिन सरकार और प्रशासन एनजीओ पर कार्रवाई नहीं कर हैडमास्टर और रसोईया पर कार्रवाई करती है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारा रसोईया यूनियन सरकार व प्रशासन के खिलाफ ऐसे कामों के खिलाफ आंदोलन पर उतारू होंगे। बासुदेवा स्कूल में रसोईया को हटाकर उनपर जो मुकादमा किया गया है इस दोनों कारवाई को सरकार व प्रशासन वापस लिया जाए नहीं तो एमडीएम संघ सड़क पर उतरेगी।

dharmendra singh

धर्मेन्द्र सिंह प्रिंट माध्यम में 17 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं।राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है।

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