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किशनगंज : विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पंच सम्मेलन आयोजित

पंचायतों में रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर डीएम ने दिया जोर

किशनगंज, 08 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सम्राट अशोक भवन, खगड़ा में शनिवार को विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मियों को अधिनियम के प्रावधानों और पंचायत स्तर पर इसकी भूमिका की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।

डीएम नवीन कुमार ने कहा कि अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण और आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने पौधरोपण को आजीविका से जोड़ने पर जोर देते हुए पंचायत स्तर पर मोरिंगा की खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मोरिंगा की खेती ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

जिलाधिकारी ने ग्रामीण हाटों को स्थानीय उत्पादों के विपणन का प्रभावी केंद्र बनाने के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रोजगार, स्वरोजगार और सतत आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया।

सम्मेलन के प्रथम तकनीकी सत्र में वेज एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम से VB-G RAM G अधिनियम तक की यात्रा और इसके प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके बाद VB-G RAM G अधिनियम, 2025 पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।

दोपहर के सत्र में समृद्ध, संपन्न एवं स्वावलंबी पंचायत के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) पर चर्चा हुई। इसमें पंचायतों के योजनाबद्ध विकास और विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के समन्वय पर जानकारी दी गई। वहीं, ग्राम पंचायत प्रधानों की भूमिका पर आयोजित विशेष सत्र में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों और प्रभावी नेतृत्व पर चर्चा की गई।
समापन सत्र में उप विकास आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों से अधिनियम के क्रियान्वयन, स्थानीय उपयोगिता और संभावनाओं को लेकर सुझाव प्राप्त किए तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

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