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किशनगंज : निजी डिग्री कॉलेज की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच टीम

किशनगंज, 08 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, पोठिया प्रखंड में संचालित एक निजी डिग्री कॉलेज की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय विधायक कमरुल होदा की शिकायत के बाद जिलाधिकारी नवीन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। जांच टीम कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं, मान्यता एवं संबद्धता समेत अन्य बिंदुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

विधायक कमरुल होदा ने आरोप लगाया है कि जिस निजी कॉलेज का हवाला देकर पोठिया प्रखंड में सरकारी डिग्री कॉलेज खोलने की मांग को मंजूरी नहीं दी जा रही है, वहां नियमित रूप से पढ़ाई नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान कागजों पर संचालित हो रहा है और परीक्षा के समय ही कॉलेज में गतिविधियां दिखाई देती हैं। विधायक ने कॉलेज की वास्तविक स्थिति और मान्यता प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

दरअसल, बिहार सरकार ने राज्य के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया था। पोठिया प्रखंड को इस योजना में शामिल नहीं किया गया। बताया गया कि प्रखंड में पहले से एक निजी महाविद्यालय के संचालित होने के कारण सरकारी डिग्री कॉलेज की स्वीकृति नहीं दी गई। इस मुद्दे को विधायक ने बिहार विधानसभा में भी उठाया था। विधायक के अनुसार, शिक्षा मंत्री की ओर से भी सदन में बताया गया था कि पोठिया में अस्थायी संबद्धता प्राप्त कॉलेज संचालित है।

विधायक का कहना है कि जब उन्होंने निजी कॉलेज की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाई तो कई अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। स्थानीय लोगों और छात्रों का भी दावा है कि कॉलेज में नियमित कक्षाएं नहीं चलतीं और अधिकांश समय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां नजर नहीं आतीं। आरोप है कि परीक्षा के दौरान ही छात्रों की उपस्थिति दिखाई देती है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि वर्ष 2025 में सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए संस्थान की स्थापना की गई है और यहां नियमित पढ़ाई होती है। परीक्षा समाप्त होने के कारण फिलहाल परिसर में छात्रों की संख्या कम है।

विधायक के अनुसार, पोठिया में पटना निवासी डॉ. अजय सिंह की करीब 400 एकड़ भूमि पर चाय बागान और टी प्रोसेसिंग प्लांट संचालित है। इसी परिसर में निजी डिग्री कॉलेज भी चल रहा है।

अब जांच टीम की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था और आधारभूत सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। साथ ही यह भी सामने आएगा कि संस्थान की संबद्धता एवं मान्यता की प्रक्रिया किस आधार पर पूरी हुई। जांच रिपोर्ट पर क्षेत्र के छात्रों और स्थानीय लोगों की नजर टिकी हुई है।

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