भाजपा के लोगों द्वारा अतिपिछडे समाज के साथ किया जाता रहा है छल – उमेश सिंह कुशवाहा

संवाददाता सागर कुमार : उमेश सिंह कुशवाहा का ताजा बयान
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अतिपिछड़ा समाज के विकास की लिखी गयी नयी गाथा: उमेश सिंह कुशवाहा
बिहार की न्यायिक सेवाओं में आरक्षण का लाभ दे हमारे नेता ने कायम किया मील का पत्थर
भाजपा के लोगों द्वारा अतिपिछडे समाज के साथ किया जाता रहा है छल
31 जनवरी 2023, पटना।
जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने आज कहा कि हाशिए पर डाल दिए गए अतिपिछड़े समाज को माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार विकास की मुख्यधारा में लाकर परिवर्तन की जो अलख पिछले 17 वर्षों में जगाई है वैसा कोई दूसरा उदाहरण स्वतंत्र भारत में नहीं मिलता। आज बिहार में अतिपिछड़ा समाज के लोग राजनैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से लगातार सशक्त हो रहे हैं अतिपिछड़ों के उत्थान के लिए श्री नीतीश कुमार एक रोल मज्ञूडल बन चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार ने प्रदेश की बागडोर संहालते ही पंचायतों एवं अगले वर्ष नगर निकायों में अतिपिछड़ा समाज के लोगों को आरक्षण देने का काम किया, जिससे इस समाज के लोग नेतृत्वकारी भूमिका में आएस राजनैतिक रूप से सशक्तिकरण का यह कार्य देश में सबसे पहले बिहार में ही हुआ। अतिपिछड़ा समाज के लोग जब काफी तेजी से सशक्त होने लगे तो अतिपिछड़ा विरोधी भाजपा ने षडयंत्र कर इसे समाप्त करने का कुचक्र चलाया। ये हमारे नेता का संकल्प और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि बिहार में अतिपिछड़ों के लिए आरक्षण के प्रावधान के साथ 18 एवं 28 दिसम्बर 2023 को दो चरणों में निकाय चुनाव निर्विध्न रूप से सम्पन्न हुआ।
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि दूसरी ओर कई भाजपा शासित राज्यों में आज भी अतिपिछड़ों को पिछड़ों पिछडा वर्ग से अलग तक नहीं किया गया है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अतिपिछड़ों को पृथक करने के उद्देश्य से 2017 में गठित सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जी. रोहिणी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बजाए उसके कार्यकाल को 13वीं बार बढ़ा दिया गया है, जो मोदी सरकार की अतिपिछड़ों के प्रति नियत को दर्शाने के लिए पर्याप्त है।
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि हमारे नेता श्री नीतीश कुमार ने ही एक कठिन लड़ाई लड़कर बिहार की न्यायिक सेवाओं में अतिपिछड़ों को आरक्षण का लाभ दिलवाया, जिसे काफी प्रयासों के बावजूद कोई नहीं दिलवा पाया था़ आज न्यायिक सेवाओं में आरक्षण के बाद अतिपिछड़े समाज का बेटा न्याय की कुर्सी पर बैठकर समाज को न्याय दे रहा हैं मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अतिपिछड़े समाज के लिए विशेष प्रावधान किये गए हैं, जिससे की वो बड़ी संख्या में उद्यमी बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है। इसी प्रकार बिहार के प्रत्येक पंचायत में मुख्यमंत्री परिवहन योजना के अंतर्गत 3 ई-रिक्सा देकर उनके रोजगार की व्यवस्था करने के साथ ही गाँव- गाँव तक परिवहन की सुविधा उपलब्ध करायी। आज बड़ी संख्या में अतिपिछड़े समाज के लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में जननायक कर्पूरी छात्रावास का निर्माण करवाया गया एवं छात्रावासों में रहने वाले सभी छात्र-छात्राओं को 9 किलो चावल, 6 किलो गेहूँ फ्री में देने के साथ ही दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु 1000 रु. प्रतिमाह दिया जा रहा है। सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना से भी इस वर्ग के विद्यार्थी बड़ी संख्या में लाभान्वित हो रहे हैं। पिछड़ा- अतिपिछड़ा कल्याण का जो बजट 2008-09 में 42.17 करोड़ रु. था, वो 2022-23 में बढ़कर 18.77 अरब रु. हो गया है।
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि हमारे सर्वमान्य नेता श्री नीतीश कुमार ने अतिपिछड़े समाज के लोगों को लगातार आगे बढाने का कार्य करते हुए उन्हें नेतृत्व का अवसर प्रदान किया है़। आज राज्यसभा में हमारे संसदीय दल का नेतृत्व श्री रामनाथ ठाकुर कर रहे हैं तो वहीँ लोकसभा में हमारे 16 सांसदों में अतिपिछड़े समाज के 4 सांसद हैं। जबकि भाजपा के लोगों द्वारा अतिपिछडे समाज के साथ सिर्फ छल किया जाता है। जबकि हमारे नेता नीतीश कुमार ने एक कर्मयोगी की तरह संवैधानिक सीमाओं में रहते हुए अपने दृढ़ निश्चय एवं अथक प्रयासों से बिहार के नवनिर्माण के साथ ही सभी को राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक न्याय देने का कार्य किया है। जाति- धर्म से ऊपर उठकर सभी के उत्थान के लिए किए गए उनके सराहनीय कार्य के परिणाम आज स्पष्ट्या सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में दृष्टिगोचर होने लगे हैं।
