
रांची, 11 अगस्त 2026: झारखंड में भाजपा द्वारा आहूत बंद को मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पूरी तरह विफल करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता भाजपा के “चाल, चरित्र और चेहरे” को अच्छी तरह समझ चुकी है।मंत्री ने कहा कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के आंदोलन को हिंसा और अराजकता की ओर मोड़ने की कोशिश को भी प्रदेश के छात्र समझ चुके हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की पूरी स्वतंत्रता है।
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवाद में विश्वास करती है। उन्होंने बताया कि प्रशासन और पुलिस को पूरे मामले में संयम एवं संवेदनशीलता के साथ काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। उनके अनुसार, पुलिस-प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम में संयम बरता और बल का न्यूनतम प्रयोग किया।
मंत्री ने आरोप लगाया कि मीडिया और लाइव प्रसारण के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि कुछ असामाजिक और राजनीतिक तत्व छात्रों की भीड़ में शामिल होकर आंदोलन को उग्र और भटकाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने बाहर से लोगों को लाकर आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र-युवाओं के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय विपक्ष को उनके भविष्य और समस्याओं पर गंभीरता से बात करनी चाह।
मंत्री ने आंदोलनरत छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने मुद्दों पर मजबूती से डटे रहें और अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठाएं। साथ ही उन्होंने छात्रों से किसी भी राजनीतिक “चक्रव्यूह” का हिस्सा नहीं बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के साथ संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी समस्याओं का समाधान सकारात्मक बातचीत के माध्यम से करने के लिए प्रतिबद्ध है।
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे बड़ा रास्ता है और राज्य सरकार इसी रास्ते पर आगे बढ़ेगी।
