सहरसा : उदयीमान गायिका श्रद्धा श्री का सा रे गा मा पा के मंच पर उम्दा प्रस्तुति, जिले का नाम रौशन

सहरसा, 21 सितंबर (के.स.)। अजय कुमार, संगीत के विरासत वाली परिवार की श्रद्धा श्री उस मुहावरे को चरितार्थ कर रही कि “होनहार विरवान के होत चिकने पात,,”यूं तो इस पूत के पांव पालने में ही नजर आने लगे थे। बचपन से ही गायिकी के लिए समर्पित हो चुकी श्रद्घा इससे पूर्व कई उपलब्धि हासिल कर चुकी है। पूर्व में प्रतिष्ठित आई जीनियस प्रतियोगिता जीत कर प्रसिद्ध संगीतकार सलीम के हाथों पुरस्कृत होकर बतौर कॉन्ट्रैक्ट सिंगापुर के एक म्यूजिक एल्बम को रिकॉर्डिंग कर चुकी है।
संगीत के क्षेत्र में उदयीमान गायिका का आगाज जी टीवी के प्रसिद्ध संगीत कार्यक्रम सा रे गा मा पा के मंच पर उम्दा प्रस्तुति के रूप में दिखने लगा है। सहरसा, बिहार की नवोदित गायिका श्रद्धा श्री अपनी उपलब्धि के क्रम में सा रे गा मा पा कार्यक्रम में अंतिम 12 में स्थान सुनिश्चित कर चुकी है।
रविवार को प्रसारित कार्यक्रम में शो के जज प्रसिद्ध पार्श्वगायक कुमार शानू, शंकर महादेवन, जावेद अली, नीति मोहन, होस्ट प्रसिद्ध अभिनेता श्रेयस तलपड़े सहित उपस्थित श्रोता श्रद्धा की दमदार प्रस्तुति के कायल हो गए।
सहरसा न्यू कॉलोनी निवासी कृषि विभाग से सेवानिवृत भृगुनंदन ठाकुर जी की पौत्री श्रद्धा श्री को संगीत विरासत में मिला हुआ है। नाना श्री भागवत मिश्र वियोगी बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में बतौर प्रसिद्ध गायक कार्यरत थे। बताते चले कि बिहार की प्रसिद्ध गायिका श्री मति रंजना झा श्रद्धा की बड़ी मौसी है। इसके अतिरिक श्रद्धा के परिवार में चाचा अमृतराज ठाकुर, निखिल ठाकुर बतौर गायक देश विदेश में मंचीय प्रस्तुति देते हैं, फूफा श्री गोविंद प्रसन्न सरस्वती प्रसिद्ध संगीतकार हैं।
श्रद्धा अपने पिता राज कुमार ठाकुर मां वंदना ठाकुर की इकलौती संतान हैं, इनकी मां वंदना ठाकुर दिल्ली को प्रसिद्ध स्कूल में संगीत शिक्षिका है, श्रद्धा श्री के संगीत योग्यता को तराशने में इनकी मां का सबसे बड़ा योगदान है। दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में स्नातक श्रद्धा श्री संप्रति दिल्ली में रहकर देश विदेश में मंचीय प्रस्तुति देती है।
चाचा संजय ठाकुर, हेमंत ठाकुर ने बताया कि बिहार के छोटे से शहर सहरसा से निकलकर राष्ट्रीय फलक पर संगीत के क्षेत्र में अग्रणी उपलब्धि हासिल करने वाली श्रद्धा श्री इस प्रतिष्ठित शो के माध्यम से कोशी- मिथिलांचल का नाम रौशन करेंगी।



