किशनगंज : पेपरलेस निबंधन को लेकर डीएम ने दस्तावेज लेखकों के साथ की बैठक

किशनगंज, 24 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, पेपरलेस निबंधन प्रणाली के सुचारू संचालन और आम लोगों को निबंधन प्रक्रिया में होने वाली परेशानियों के त्वरित समाधान को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में दस्तावेज लेखकों के संघ के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेपरलेस निबंधन की वर्तमान स्थिति, दस्तावेज लेखकों की उपस्थिति तथा आमजनों की समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में जिला अवर निबंधक ने पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।बताया गया कि जिला निबंधन कार्यालय किशनगंज में तीन अगस्त से तथा अवर निबंधन कार्यालय बहादुरगंज एवं ठाकुरगंज में 17 अगस्त से पेपरलेस पद्धति से दस्तावेजों का निबंधन शुरू किया जा चुका है।
डीएम नवीन कुमार ने कहा कि पेपरलेस निबंधन सरल, पारदर्शी, सुविधाजनक और सुरक्षित व्यवस्था है।इसके माध्यम से कंप्यूटरीकृत प्रणाली के जरिए निबंधन प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया जा सकता है। उन्होंने आम लोगों को नई व्यवस्था की जानकारी देने और जागरूक करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि जागरूकता के लिए प्रमुख स्थानों पर बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं। ई-रिक्शा के माध्यम से प्रचार कराया जा रहा है तथा निबंधन कार्यालय में टीवी स्क्रीन के जरिए पूरी प्रक्रिया प्रदर्शित की जा रही है। कार्यालय के ‘मे आई हेल्प यू’ बूथ पर कर्मियों और ऑपरेटरों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
दस्तावेज लेखकों ने प्रणाली में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को डीएम के समक्ष रखा। उन्होंने सॉफ्टवेयर में हिंदी भाषा का विकल्प उपलब्ध कराने, तकनीकी उपकरणों के लिए अतिरिक्त स्थान, कार्यालय भवन में अतिरिक्त निर्माण की अनुमति तथा प्रत्येक दस्तावेज लेखक के साथ एक कंप्यूटर साक्षर सहायक रखने की मांग की।
डीएम ने बताया कि सॉफ्टवेयर में हिंदी भाषा की सुविधा उपलब्ध कराने पर विभागीय स्तर पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने तीनों निबंधन कार्यालयों से जुड़े दस्तावेज लेखकों को पेपरलेस प्रणाली का पुनः विस्तृत प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। अतिरिक्त स्थान के लिए निर्माण संबंधी आदेश का प्रारूप तैयार कर प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक दस्तावेज लेखक को एक सहायक रखने की अनुमति और संबंधित सूची उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। बैठक के अंत में दस्तावेज लेखकों ने व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग का आश्वासन दिया।



