ताजा खबर

पं राजकुमार शुक्ल जयंती समारोह का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन l

 

पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती को आगामी वर्ष राज्य सरकार राजकीय समारोह के रूप में मनाएगी :सम्राट चौधरी l

पंडित राजकुमार शुक्ल की जीवनी को राज्य के पाठ्य पुस्तक में समावेशित किया जाएगा : मिथिलेश तिवारी l

पंडित राजकुमार शुक्ल के स्मृति अशेष से जुड़े अवशेषों को पंडित राजकुमार शुक्ल संग्रहालय स्थापित कर संरक्षित किया जाएगा l

कला के क्षेत्र में सुप्रसिद्ध लोक गायिका- कल्पना पटवारी समेत साहित्य के क्षेत्र में- डॉ दिवाकर राय पत्रकारिता के लिए पुष्यमित्र और समाज -सेवा के क्षेत्र में- गोपाल कृष्ण मोदी को मिला पं राजकुमार शुक्ल शिखर सम्मान l

151 वीं जयंती के अवसर पर पंडित राजकुमार शुक्ल को भारत रत्न से सम्मानित करने की उठी मांग l

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/चंपारण सत्याग्रह के महानायक पंडित राजकुमार शुक्ल जी की 151 वीं जयंती के अवसर पर बिहार के माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आजादी के इतिहास में चंपारण सत्याग्रह प्रथम आंदोलन था, जिसके नायक पंडित राजकुमार शुक्ला जी ऐतिहासिक 151 वीं जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करता हूं l हमारी सरकार लगातार किसानो की बात करती है किसानो की चिंता करती है देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित बिहार का सपना को हम आगे बढ़ा रहे हैं योजनाओं को समयबध तरीके से संपादित करने का हमारी सरकार प्रयास कर रही हैl पंडित राजकुमार शुक्ल और महात्मा गांधी जी ने जनता की समस्या को समाप्त करने का कार्य किया था l पंडित राजकुमार शुक्ल जी किसी जाति और धर्म के लिए नहीं बल्कि वह उन्होंने देश की सेवा के लिए अपना सर्वस्व जीवन न्योछावर कर दिया l ऐसे स्वतंत्रता के नायक की जयंती के अवसर पर आप लोगों से स्वस्थ करता हूं कि आगामी जयंती के मौके पर राज्य सरकार राजकीय समारोह के रूप में उनकी जयंती को आयोजित करेगी हमारी सरकार ऐसे तमाम विभूतियों के साथ उनके सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है l

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजकुमार शुक्ल जी के त्याग और बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता चंपारण सत्याग्रह में उनका योगदान अप्रतिम था l पंडित राजकुमार शुक्ल जी को लेकर संस्थान के मांगों पर सरकार अवश्य अपेक्षित विचार करेगी

इस अवसर पर उपस्थित बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल जी की आगामी वर्ष जयंती को सरकार द्वारा राजकीय समारोह के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषणा किए जाने को लेकर मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं l पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित 151 वीं जयंती के अवसर पर बिहार सरकार के माननीय मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संस्थान के कार्यों की प्रशंसा की l श्री तिवारी ने कहा कि मैं पंडित राजकुमार शुक्ल के उस पावन माटी को भी नमन किया है बिहार की धरती ऐतिहासिक भूमि है जहां राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी जी आए और महात्मा बनकर राष्ट्रपिता के रूप में हम सबों के बीच स्थापित हो गए l इस अवसर पर सुप्रसिद्ध लोक गायिका श्री कल्पना पटवारी जी को और भोजपुरी के विकास और संवर्धन में काम करने की श्री तिवारी ने सलाह दी l श्री तिवारी ने कहा कि आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी पंडित शुक्ल जी को राजकीय सम्मान नहीं प्राप्त हुआ जिसके वे वाजिब हकदार थे l हमारे विभाग के द्वारा राज्य सरकार की पाठ्य पुस्तकों में उनकी जीवनी को समावेशित किया जाएगा l इतिहास के पन्ने में यह दर्ज है कि हमे कई साल तक मुगलों अंग्रेजों द्वारा प्रताड़ित किया गया आजादी के संघर्ष में दो डाल थे एक नरम दल और एक गरम दल गरम दल के नेतृत्व में जो भगत सिंह की भूमिका थी वही नरम दल की नेतृत्व में चंपारण सत्याग्रह के संघर्षों में महात्मा गांधी और राजकुमार शुक्ला जी का था

कला एवं संस्कृति मंत्री बिहार सरकार डॉ प्रमोद कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी की प्रथम लड़ाई चंपारण सत्याग्रह के महान पंडित राजकुमार शुक्ल जी के प्रति नमन करता हूं कला संस्कृति विभाग उनके नाम पर संग्रहालय स्थापित करेगी जिसमें चंपारण सत्याग्रह के स्मृति अशेष को संरक्षित किया जाएगा l जिससे चंपारण सत्याग्रह में किए गए उनके संघर्षों को आज की पीढ़ी जान सके l डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि जो समाज अपने इतिहास को भूल जाएगा उसका समाज धूमिल हो जाएगा l इसलिए जो समाज अपने महापुरुषों पर गर्व करेंगी उसका सामाजिक विकास कभी नहीं रुकेगा l कुछ लोग समाज और देश को जाति में बांट रहे हैं को दूषित कर रहे हैं हमारे साहित्य को दूषित कर रहे हैं उनसे सावधान रहने की जरूरत हैl हम राजकुमार शुक्ल को श्रद्धा सुमन अर्पित करें तो यही देश की सभ्यता और वसुदेव कुटुंबकम का संदेश होगा l

देश के कई भाषाओं को समर्पित अप्रतिम स्वर की मल्लिका सुप्रसिद्ध गायिका श्रीमती कल्पना पटवारी जी ने पंडित राजकुमार शुक्ल जी को एक महानमानव कहा है श्रीमती कल्पना ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह और पंडित राजकुमार शुक्ला से मेरा गहरा नाता रहा है यही कारण है कि शती वर्ष के मौके पर 2017 में मैं उनके गांव गई और चंपारण के उस व्यथा कथा पर काम करने के लिए प्रेरित हुईl मेरा सौभाग्य है कि ऐसे ऐतिहासिक विषय पर मुझे काम करने का मौका मिला आज पंडित राजकुमार शुक्ल कला शिखर सम्मान से सम्मानित होने पर पंडित राजकुमार शुक्ल संस्थान के अध्यक्ष डॉ राजेश भट्ट जी का आभारी हूं जिन्होंने चंपारण सत्याग्रह पर लगातार ऐसे ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं आने वाले दिनों में चंपारण सत्याग्रह पर एक नई योजना के तहत कार्य करूंगी l

पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान एवं कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बिहार विधान परिषद एनेक्सी हाल में चंपारण सत्याग्रह के महानायक पंडित राजकुमार शुक्ल जी की 151वीं जयंती आयोजित की गई l इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सह लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राजेश भट्ट ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित शुक्ल जी को वह सम्मान अब तक नहीं मिल सका जिसके वे वाजिब हकदार थे जैसा कि यह सर्व विदित कि है राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम में चंपारण सत्याग्रह की अहम भूमिका रही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतीय भूमि पर प्रथम आंदोलन था जिस आंदोलन में महात्मा गांधी के अस्त्र-शास्त्र का प्रयोग हुआ और ब्रितानी हुकूमत को अपने ही बनाए गए नील कानून को वापस लेनी l जिसके अनुनय विनय और जिसके निरंतर किए गए भगीरथ प्रयास से महात्मा गांधी पहली बार चंपारण आए और जिन्होंने उन्हें पहली बार महात्मा कहकर संबोधित किया वह थे पंडित राजकुमार शुक्लजी l
डॉ भट्ट ने कहा कि पंडित शुक्ल और गांधी का मिलन एक ऐतिहासिक संयोग है अगर 1916 के लखनऊ अधिवेशन में पंडित शुक्ल और गांधी का मिलन नहीं हुआ होता तो महात्मा गांधी चंपारण नहीं आए होते और जिस चंपारण के रास्ते राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्वाधीनता संग्राम के सबसे बड़े नेतृत्व करता के रूप में राष्ट्रीय फलक पर सर्वमान्य नेतृत्व के रूप में स्थापित हो गए l यह कहना मुश्किल है की आजादी को भी और कितना वक्त लगताl
महात्मा गांधी के चंपारण आने से पूर्व जिसने चंपारण सत्याग्रह की मजबूत नीव रखी विश्व के सबसे बड़े किसान आंदोलन को जन आंदोलन का रूप दिया और इस आंदोलन के आंदोलनकारी के मुकदमों की पैरवी और नील अधिकारियों के शोषण के विरुद्ध संघर्ष के दौरान अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया मृत्यु के पश्चात एक बड़े रैयत होने के बावजूद दफन को 1 इंच जमीन नहीं बची देश के स्वाधीनता संग्राम की बाली बेदी पर अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले पंडित राजकुमार शुक्ला जी की त्याग और देशभक्ति को पिछली सरकारों ने भुला दिया उससे भी बड़ी भूल देश के इतिहासकारों ने किया इतिहासकारों ने उन्हें सिर्फ चंपारण बुलाने वाले के रूप में समे टकर उनके उस महान कृतित्व और व्यक्तित्व को कमतर आंकने की भूल की जो अक्षम्य है l
पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर हम आभार व्यक्त करते हैं अपने पूर्व यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का जिन्होंने चंपारण सत्याग्रह के सती वर्ष के मौके पर भारत रत्न के लिए उन्हें अनुशंसित किया हैl लेकिन वह अनुशंसा भी आज तक केंद्र सरकार के पास लंबित है जिस पर अवश्य शीघ्र विचार करने की जरूरत है l जिस चंपारण सत्याग्रह ने देश को राष्ट्रपिता और राष्ट्रपति दिया आखिरकार क्या भूल हुई जिसके कारण पंडित राजकुमार शुक्ला गुमनामी के अंधेरों में खो गएl क्या पंडित राजकुमार शुक्ला जी की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में राज्य सरकार को नहीं मनाना चाहिए, क्या राजधानी के किसी खास सार्वजनिक स्थल पर उनकी प्रतिमा स्थापित नहीं होनी चाहिए जहां जयंती और पुण्यतिथि पर उनके प्रशंसक और उनके मानने वाले लोग पुष्पांजलि अर्पित कर सके l पंडित राजकुमार शुक्ला को भुला देना ऐतिहासिक भूल थी जिसे अब नजर अंदाज करना मुनासिब नहीं l अब बिहार और केंद्र दोनों जगह की जगह इंडिया की सरकार है और हमारी सरकार अपने विभूतियों को निरंतर सम्मान देने का काम कर रही हैl अगर पंडित राजकुमार शुक्ल को हमारी सरकार सम्मान दे तो इस सभागार में बैठे और बिहार के कोने-कोने से आए हुए तमाम लोग और समस्त बिहारवासी सरकार के प्रति कृतज्ञापित करेंगे l उक्त अवसर पर संस्थान द्वारा छात्रों के बीच स्कूल बैग का भी वितरण किया गया l
राजेश भट्ट

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button