जिलाधिकारी ने की अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की समीक्षा, पदाधिकारियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाने एवं सीसीटीवी से निगरानी करने का दिया निदेश

अतिक्रमण के विरूद्ध प्रशासन की शून्य सहिष्णुता; इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगीः जिलाधिकारी
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पुनः अतिक्रमण की घटनाओं को हर हाल में रोकें; आदतन अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध अनिवार्य तौर पर प्राथमिकी दर्ज करेंः जिलाधिकारी का निदेश
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त्रिलोकी नाथ प्रसाद/जिलाधिकारी, पटना श्री कुन्दन कुमार द्वारा आज नगर आयुक्त, पटना नगर निगम श्री यशपाल मीणा एवं अन्य अधिकारियों के साथ अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। ज़िलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के विरूद्ध प्रशासन की शून्य सहिष्णुता है। उन्होंने निदेश दिया कि अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) नगर निगम, पुलिस एवं अन्य विभागों तथा एजेंसियों से सुदृढ़ समन्वय स्थापित कर जोनवाईज अतिक्रमण-हॉटस्पॉट को चिन्हित करें तथा विधिवत एवं तत्परतापूर्वक अतिक्रमण हटाएँ। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पुनः अतिक्रमण की घटनाओं को हर हाल में रोकने तथा आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध अनिवार्य तौर पर प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया। उन्होंने इसके लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करने को कहा। जिलाधिकारी ने निदेश दिया अतिक्रमण हटाने के पश्चात संबंधित विभागों के पदाधिकारी उस स्थान को बोलार्ड से बैरिकेडिंग कर विभिन्न जन-सुविधाओं यथा ग्रीन पार्क, बैडमिंटन कोर्ट, क्रिकेट ग्राउण्ड इत्यादि को विकसित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के आदेशानुसार सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ (Ease of living) के तहत नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाईयों को कम कर उनके जीवन को और आसान बनाने के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर है। अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान इसका एक महत्वपूर्ण भाग है। जन-सुविधाओं को बेहतर-से-बेहतर करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
नगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि पटना नगर निगम क्षेत्र में 32 वेंडिंग जोन प्रस्तावित है। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसमें सभी सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी हितधारकों से समन्वय स्थापित कर इन वेंडिंग जोन में आस-पास के अव्यवस्थित वेंडिंग शॉप/वेंडर्स को शिफ्ट करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पटना शहर में 01 जुलाई से अतिक्रमण के विरूद्ध पुनः स्पेशल ड्राईव चलाया जाएगा। इसके लिए 9 (नौ) टीम का गठन किया गया है। यह एक मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान होगा जो पटना नगर निगम के छः अंचलों-नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बाँकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी- के साथ नगर परिषद् खगौल, फुलवारीशरीफ एवं दानापुर निजामत में भी चलाया जाएगा। इसमें प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशाम, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल, विद्युत सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हैं। इस फेज में यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। रोस्टरवार कई टीम कर्तव्य पर मुस्तैद रहेगी। विशेष अभियान के तहत प्रभावशाली ढंग से अतिक्रमण उन्मूलन अभियान संचालित करने के लिए एक पाँच-सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी तथा अभियान के परिणाम का ज़ायज़ा लिया जाएगा। प्राप्त तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को निदेश दिया गया है कि
* सभी सम्बद्ध पदाधिकारी अन्तर्विभागीय ’सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद’ स्थापित कर निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
* अतिक्रमण उन्मूलन अभियान में व्यवधान डालने वालों से सख्ती से निपटें। ऐसे तत्वों के विरुद्ध क़ानूनी कार्रवाई करें।
* किसी भी स्थिति में पुनः अतिक्रमण न हो।
* अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के नेतृत्व में फॉलो-अप टीम लगातार सक्रिय रहेगी। जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां यह टीम ’पुनः अतिक्रमण की घटना से सख्ती से निपटेगी’। ’पुनः अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी’।
* थानाध्यक्ष अतिक्रमण हटाने का विवरण स्टेशन डायरी में भी अंकित करेंगे।
* गठित की गई टीम शहर के मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाएगी, सड़कों पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी तथा सुगम यातायात हेतु प्रबंधन करेगी।
* मल्टी एजेंसी विशेष अभियान में ’प्रारम्भ से लेकर कार्य समाप्ति’ तक मॉनिटरिंग सेल के सभी पदाधिकारी संयुक्त रूप से क्रियाशील रहकर विशेष निगरानी रखेंगे।
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ज़िलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि ’लोगों की हर सुविधा का ख्याल रखें। सभी स्टेकहोल्डर्स से संवाद कायम रखें। जिला प्रशासन के सभी अंग यथा नगर व्यवस्था, परिवहन, जिला नियंत्रण कक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा नगर निकाय सुचारू यातायात व्यवस्था हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई’ करें।
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जिलाधिकारी ने कहा कि जन-सुविधाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सार्वजनिक स्थलों पर असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण से लोगों को काफी समस्या होती है। अतः अधिकारीगण परिणाम-आधारित अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान संचालित करें।
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जिलाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को निदेश दिया कि नगर निगम एवं अन्य नगर निकायों के टाउन प्लानर की सहायता से सम्पूर्ण शहरी क्षेत्र का सर्वेक्षण कर जोनवाईज अतिक्रमण हॉटस्पॉट (अतिक्रमण के दृष्टिकोण से संवेदनशील क्षेत्रों) को चिन्हित करें तथा कार्य योजना बनाकर अतिक्रमण के स्थायी समाधान एवं क्षेत्र के सौन्दर्यीकरण तथा विकास हेतु कार्य करें।
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जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा नगर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डेडिकेटेड शहरी प्रबंधन इकाई का गठन किया है। इस इकाई के पदाधिकारीगण सार्थक ढंग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था), 3 पुलिस उपाधीक्षक (नगर व्यवस्था) तथा 3 नगर दंडाधिकारी इसी कार्य के लिए इकाई में पदस्थापित किए गए हैं। साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अपर नगर आयुक्तों को भी प्रतिनियुक्त किया गया है। नगर परिषदों में भी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को तैनात किया गया है। अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समुचित समन्वय जरूरी है। जिलाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को विभिन्न विभागों जैसे नगर विकास, पुलिस, यातायात, जिला प्रशासन, विद्युत, पथ निर्माण इत्यादि के अधिकारियों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद स्थापित करने का निदेश दिया ताकि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी सहित विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई करें। अतिक्रमण में प्रयुक्त अधिक-से-अधिक सामानों की जप्ती करें। उनके विरूद्ध पर्याप्त आर्थिक दंड लगाएँ ताकि वे दुबारा अतिक्रमण करने से बाज आएं। अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को फॉलो-अप टीम को सक्रिय रखने एवं अभियान का पर्यवेक्षण करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के कारण आम जनता को काफी परेशानी होती है। नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड, गाँधी मैदान, सगुना मोड़-दानापुर रेलवे स्टेशन रोड इत्यादि सड़क शहर का लाईफलाईन है। अतिक्रमण के कारण से यातायात एवं परिवहन में व्यवधान आता है। लोगों का बहुमूल्य समय बर्बाद होता है तथा उन्हें सामान्य ढंग से जीवन-यापन करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित में यह आवश्यक है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्रभावी ढंग से कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान दिखना भी चाहिए ताकि लोगों के मन में विश्वास जगे। अधिकारियों को नेहरू पथ, हवाई अड्डा, चितकोहरा, चिरैयाटांड़, रेलवे स्टेशन, आशियाना-दीघा, रूपसपुर नहर, जेपी गंगापथ, दीघा बाजार, पटना सिटी, सभी अस्पतालों सहित हर क्षेत्र में मुख्य सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण-मुक्त रखने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सार्वजनिक स्थलों से अवैध संरचनाओं को नियमानुसार हटाया जाए। अस्थायी अतिक्रमण एवं स्थायी अतिक्रमण दोनों को चिन्हित करें। अस्थायी अतिक्रमण को तुरत हटाएँ। स्थायी अतिक्रमण की स्थिति में अतिक्रमणवाद प्रारंभ करते हुए विधिवत ढंग से निर्धारित समय-सीमा के अंदर अतिक्रमण हटाएँ।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी प्रबंधन इकाई का काम अतिक्रमण हटाने के साथ सम्पूर्ण नगर व्यवस्था एवं शहरी प्रबंधन का सुदृढ़ीकरण है। अतिक्रमण उन्मूलन इन कार्यों में से एक प्रमुख काम है। जिलाधिकारी ने नगर व्यवस्था के अधिकारियों को यातायात पुलिस के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर शहरी क्षेत्रों में सुचारू यातायात सुनिश्चित करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 (पूर्व के दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133) के तहत पब्लिक न्यूसेंस हटाने के लिए समुचित संख्या में संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नो पार्किंग एवं नो वेंडिंग जोन का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया। अवैध एवं अनधिकृत पार्किंग तथा वेंडिंग करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अतिक्रमण उन्मूलन अभियान में तकनीक का अधिक-से-अधिक प्रयोग करने का निदेश दिया। सीसीटीवी मॉनिटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से नियमित उद्घोषणा तथा अतिक्रमणकारियों एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध स्पॉट पर ही जुर्माना करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना नगर निगम स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। सीसीटीवी कैमरों, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, ईसीबी, आरएलवीडी, वीएमडी, एएनपीआर आदि का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।
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पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 415 स्थानों पर 3300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। इसमें सीसीटीवी सर्विलांस कैमरा 2,602; रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) कैमरा 473; ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरा 150; स्पीड व्यालेशन डिटेक्शन (एसवीडी) कैमरा 12 तथा व्हीकल डिटेक्शन एंड क्लासिफिकेशन (वीडीसी) कैमरा 120 लगाया गया है। 69 स्थानों पर पब्लिक एड्रेसल सिस्टम से नियमित तौर पर उदघोषणा की जाती है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि पटना शहर में यातायात-प्रबंधन, अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान तथा परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जाम-मुक्त बनाने हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुव्यवस्थित यातायात-प्रबंधन जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान हेतु अधिकारीगण एक्शन मोड में रहें। सड़कों पर नियमित पेट्रोलिंग करें। सीसीटीवी को क्रियाशील रखें।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस बैठक का एक मुख्य उद्देश्य पटना शहर को आवागमन हेतु सर्वानुकूल बनाना भी है। सुगम एवं सुचारू यातायात की व्यवस्था जनहित में अत्यावश्यक है। यह हमारी कार्यशैली एवं जीवन-शैली पर भी काफी प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जाम-मुक्त बनाने हेतु लगातार कोशिश की जा रही है। यातायात व्यवधान, अतिक्रमण एवं यातायात नियमों के उल्लंघन के विरूद्ध प्रशासन जीरो टॉलरेंस (शून्य सहिष्णुता) के सिद्धांत पर काम करता है। नगर विकास विभाग, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, एनएचएआई, वन विभाग, पथ निर्माण, प्रशासन, पुलिस, विधि-व्यवस्था सहित सभी सम्बद्ध पदाधिकारी अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें। अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन कार्य योजना का निर्माण कर अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनता को सर्वाेत्तम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग एवं तत्पर है। जिलाधिकारी ने कहा कि ’विभिन्न मार्गों पर एस्कलेटर-युक्त एफओबी, अंडरपास, सड़कों का चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण, वेंडर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का निर्माण एवं अन्य सभी बिन्दुओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है ताकि आम जनता को सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप बेहतर-से-बेहतर सुविधा उपलब्ध हो’।
इस बैठक में जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त के साथ अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था), नगर दंडाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर कार्यपालक पदाधिकारीगण एवं अन्य भी उपस्थित थे।


