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बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वस्तु एवं सेवा कर दिवस पर कहा कि जीएसटी के रूप में देश को एक ऐसी एकीकृत अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था प्राप्त हुई है

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/जो न केवल संपूर्ण भारत को एकल बाज़ार के रूप में प्रस्तुत करती है बल्कि समानता भी प्रदान करती है। यह दिवस भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कार्यान्वयन का प्रतीक है। यह दिन ऐतिहासिक कर सुधार की याद दिलाता है जिसने राष्ट्र को केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर एकल कर व्यवस्था के तहत एकीकृत किया और वैट , सेवा कर और उत्पाद शुल्क जैसे कई अप्रत्यक्ष करों को प्रतिस्थापित किया। इसके लागू होने से भारतीय अर्थव्यवस्था में युगांतकारी परिवर्तन आया है और साथ ही बहु-स्तरीय, जटिल अप्रत्यक्ष कर संरचना की जगह एक सरल, पारदर्शी एवं प्रौद्योगिकी आधारित कर व्यवस्था अस्तित्व में आई है।


