ठाकुरगंज : जर्जर सड़क बनी वार्डवासियों की मजबूरी, महीनों से मरम्मत का इंतजार-क्या टूटी सड़कें ही विकास की पहचान हैं?

किशनगंज, 03 सितंबर (के.स.)। फ़रीद अहमद, नगर पंचायत पौआखाली के वार्ड नंबर-4 में जर्जर सड़क को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। महीनों से सड़क बदहाल पड़ी है, लेकिन अब तक न तो मरम्मत का काम शुरू हुआ है और न ही सड़क के नव निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल होती दिखाई दे रही है। ऐसे में लोगों को मजबूरी में टूटी और उखड़ी सड़क पर आवागमन करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलने से लेकर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के आवागमन तक में परेशानी हो रही है। जगह-जगह टूट-फूट और गड्ढों के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है। खासकर रात के समय स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाती है।
सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार विभाग और नगर पंचायत की कार्यशैली पर उठ रहा है। जब सड़क महीनों से खराब है तो इसकी मरम्मत अब तक क्यों नहीं कराई गई? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की नींद खुलेगी?
विडंबना यह भी है कि कई स्थानों पर सड़क बनने में जितना समय नहीं लगता, उससे कम समय में सड़क खराब होने लगती है। इससे सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, गुणवत्ता और निर्माण कार्य की निगरानी पर भी सवाल खड़े होते हैं। आखिर सरकारी राशि खर्च होने के बाद सड़क की ऐसी हालत क्यों हो जाती है?
लोगों का कहना है कि विकास का मतलब केवल सड़क का निर्माण कर देना नहीं, बल्कि उसे टिकाऊ और सुरक्षित बनाना भी है। यदि महीनों तक टूटी सड़क की सुध नहीं ली जाए तो फिर विकास के दावों का वास्तविकता से कितना संबंध है, यह सवाल स्वाभाविक है।
लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द जर्जर सड़क का निरीक्षण कराकर मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार नव निर्माण कराने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले समस्या का समाधान हो सके।



