किशनगंज : सिविल कोर्ट में POSH कानून पर जागरूकता सेमिनार, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर जोर

किशनगंज, 03 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सिविल कोर्ट किशनगंज की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के तत्वावधान में राहत एनजीओ एवं आई पार्टनर के सहयोग से कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित POSH कानून पर एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। सम्राट अशोक भवन, खगड़ा में आयोजित कार्यक्रम में सिविल कोर्ट के कर्मियों के अलावा विभिन्न संबंधित हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नम्रता मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अधिकार है। उन्होंने सभी कर्मियों से POSH कानून के प्रावधानों को समझने और कार्यस्थल पर स्वस्थ एवं सम्मानजनक वातावरण बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम की शुरुआत राहत एनजीओ की सचिव डॉ. फरजाना बेगम के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए POSH कानून के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कानून के विभिन्न प्रावधानों, यौन उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की जानकारी दी।
एसीजीएम एवं आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष शारदा जी ने कहा कि POSH कानून का उद्देश्य केवल शिकायतों का निवारण करना नहीं, बल्कि ऐसा कार्य वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक कर्मचारी की गरिमा और सम्मान सुरक्षित रहे।
सेमिनार में ICC सदस्य एवं एसडीजेएम किशनगंज रोहित कुमार, सिविल कोर्ट क्लर्क एवं ICC सदस्य शारिका आनंद समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। मंच संचालन शारिका आनंद ने किया।
सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों को SHe-Box (Sexual Harassment Electronic Box) पोर्टल की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पात्र व्यक्ति कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। साथ ही आंतरिक शिकायत समिति के माध्यम से शिकायत निवारण की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं और सवालों का जवाब देकर उन्हें कानून के प्रति जागरूक किया गया।


