किशनगंज : बहादुरगंज में सिविल सर्जन का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य अभियानों में तेजी के निर्देश
एनीमिया, एनसीडी और टीबी स्क्रीनिंग को प्रभावी बनाने पर जोर
किशनगंज, 03 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति और विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों के क्रियान्वयन की पड़ताल के लिए सिविल सर्जन, किशनगंज ने गुरुवार को बहादुरगंज प्रखंड के स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र गांगी, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र नटुवापाड़ा तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरगंज का जायजा लिया गया। निरीक्षण में सामने आई कमियों को प्रतिवेदन में दर्ज करते हुए संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने संस्थानों की सामान्य स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ एनीमिया मुक्त भारत, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) और टीबी स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग अभियान केवल आंकड़े पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जांच में बीमारी मिलने के बाद मरीज को उपचार, परामर्श और नियमित फॉलोअप से जोड़ना भी सुनिश्चित किया जाए।
एनीमिया की जांच के बाद उपचार पर जोर
एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत महिलाओं, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं की अधिक से अधिक स्क्रीनिंग कराने का निर्देश दिया गया। जांच में एनीमिया पाए जाने पर लाभार्थी को चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ आयरन-फोलिक एसिड के नियमित सेवन के लिए जागरूक करने को कहा गया। गर्भवती महिलाओं के उपचार की निरंतर निगरानी पर भी जोर दिया गया।
30 वर्ष से अधिक उम्र वालों की होगी स्क्रीनिंग
एनसीडी अभियान के तहत 30 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप समेत अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों से अधिक से अधिक लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
टीबी के संभावित मरीजों की पहचान जरूरी
टीबी स्क्रीनिंग को लेकर सिविल सर्जन ने लंबे समय से खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होने और रात में पसीना आने जैसे लक्षण वाले लोगों की पहचान कर समय पर जांच कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बीमारी की जल्द पहचान और उपचार से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
सिविल सर्जन ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। औचक निरीक्षण का उद्देश्य कमियों को चिन्हित कर सुधार करना और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।



