अपराधरांची

जमीन कारोबारी भार्गव सिंह हत्याकांड मामले में पुलिस ने दो अपराधी को किया गिरफ्तार, मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी को दोनों पैरों पर लगी गोली…

रांची//रांची पुलिस ने जमीन कारोबारी भार्गव सिंह हत्याकांड मामले में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में विजय टेटे और सत्यम पाठक शामिल है। पुलिस ने इनके पास से दो हथियार, आठ गोली, एक खोखा, एक पॉकेट डायरी, तीन मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, एडमिट कार्ड, 5980 नगद रुपया और एक मास्क बरामद किया है। सत्यम पाठक के ऊपर रांची के नामकुम, डोरंडा, कोतवाली और विधानसभा थाना में एफआईआर दर्ज है।

पीठ में सटाकर मारी गोली

बता दे कि बीते 21 अप्रैल मंगलवार को सुबह भार्गव सिंह को जमीन विवाद और पैसों के लेनदेन की वजह से हत्या कर दी गई थी। भार्गव सिंह से पहले कॉल कर पूछा गया कि कहां हो, जिसके बाद भार्गव सिंह ने बताया की मनोकामना मंदिर में है। इसके बाद बाइक सवार अपराधी मनोकामना मंदिर के नजदीक पहुंचा और जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की पीठ में सटाकर एक गोली मार दी। गोली मारने के बाद अपराधी घटनास्थल से भाग गया। वहीं भार्गव सिंह को नजदीकी अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे सिटी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। गोली लंबे समय तक फंसे रहने के कारण भार्गव सिंह की मंगलवार दोपहर में मौत हो गई थी।

सिटी एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस वार्ता में बताया कि जमीन विवाद और पैसे का लेनदेन मुख्य वजह रही है।गोली लगने के बाद लहूलुहान भार्गव सिंह मरने से पहले पुलिस को गोली मारने वाले विजय टेटे के बारे में अहम जानकारी दे दी थी, वहीं, उसे गोली क्यों मारी गई, इस बारे में भी उसने पुलिस को सब कुछ बताया। जिसके बाद रांची के एसएसपी राकेश रंजन की देखरेख में गठित स्पेशल टीम ने ताबड़तोड़ छापामारी कर सबसे पहले विजय टेटे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने पुलिस के सामने खुलासा किया कि भार्गव सिंह की हत्या करने के लिये उसने पेशेवर शूटर सत्यम पाठक को हायर किया था। इसके बाद सत्यम पाठक की खोज में छापामारी शुरू हो गई।

पुलिस ने नेवरी से धर दबोचा, किया हॉफ एनकाउंटर 

सत्यम पाठक को नेवरी विकास के पास दबोचा गया। वह बक्सर भागने की फिराक में था। बुधवार की सुबह रांची पुलिस और अपराधी सत्यम पाठक के बीच मुठभेड़ हुई थी। सत्यम पाठक ने वहां से लौट रही पुलिस की टीम में शामिल एक पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की इस मुठभेड़ में सत्यम पाठक के पैर में दो गोली लगी। वहीं एक पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस मुठभेड़ में घायल अपराधी सत्यम पाठक को कड़ी सुरक्षा के बीच रिम्स में इलाज चल रहा है। सत्यम पाठक रांची अब पुलिस की गिरफ्त में है। सत्यम की निशानदेही पर कांके डैम इलाके से घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया।

जमीन विवाद एवं पैसों का लेनदेन बना हत्या का कारण 

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जमीन दिलाने के नाम पर आरोपी विजय टेटे ने भार्गव सिंह से मोटी रकम ले ली थी। लेकिन उसने न जमीन दी और न ही पैसे लौटाये। इसको लेकर भार्गव सिंह लगातार दबाव बना रहा था, जिससे विवाद बढ़ता गया और अंततः हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। वहीं पेशेवर शूटर सत्यम पाठक का रांची धुर्वा के चर्चित वेद प्रकाश सिंह हत्याकांड में नाम उछला था। इस कांड में उसे जेल भेजा गया था, फिलहाल वह जमानत पर बाहर था। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में कोतवाली ASP निखिल राय, सुखदेव नगर थानेदार सुनील कुमार कुशवाहा, सनोज चौधरी, अनिल तिवारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

(इस हत्याकांड का खुलासा करते हए रांची के सिटी एसपी परस राणा) देखे वीडियो….

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