बिहार में गिरती कानून व्यवस्था को लेकर महामहिम राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन।।…

राज्य

त्रिलोकी नाथ प्रसाद-निवेदन पूर्वक कहना है की 10 अगस्त 2022 को महागठबंधन की सरकार बनने के पश्चात बिहार राज्य में चारों ओर बर्बरता का माहौल व्याप्त हो गया है।महागठबंधन की सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है। जिससे कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुकी है आज सरकार बनने के 4 महीने के अंदर इस कदर अपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है।कि यहां की जनता पलायन करने पर विवश हो चुकी है।

महागठबंधन की सरकार बनने के 100 दिन के भीतर ही हत्या लूट अपहरण डकैती जैसे संगीन अपराधों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो गई है।इन 100 दिनों के भीतर ही अपराधियों के द्वारा लगभग 1000 से अधिक लोगों को गोली मारी गई है।एवं घातक हथियारों से हमला कर लगभग 900 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है।इतना ही नहीं बल्कि आभूषण के 50 से अधिक दुकान सहित सैकड़ों प्रतिष्ठानों में करोड़ों की लूट भी हुई है। साथ ही सैकड़ों बहू बेटियों के साथ बलात्कार भी हुआ है।और बलात्कार और कई महिलाओं की हत्या भी कर दी गई है। महामहिम को ज्ञात हो कि विगत दिनों समस्तीपुर में एक दलित लड़के के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसका भी होगा और प्राइवेट पार्ट तक काट दिया गया इसी तरह की विभतस घटना विगत दिनों भागलपुर में अशोक यादव की 42 वर्षीय पत्नी नीलम देवी के साथ भी किया गया। ऐसी घटनाओं में पूरा राज्य शर्मसार हो रहा है।लेकिन सरकार में बैठे लोगों का ऐसी घटनाओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। श्रीमान आपको अवगत कराते हुए कहना है कि पूरे बिहार में हत्याओं का दौर जारी है खासकर भोजपुर समस्तीपुर समस्तीपुर वैशाली खगड़िया गोपालगंज में लगातार हत्याएं हो रही है। इतना ही नहीं विगत दिनों बेगूसराय में सरेआम बाइक सवार अपराधियों द्वारा दिन दहाड़े कई मासूम लोगों को गोली से भून दिया गया इसी तरह की घटना बिहिटा -कोइलवर बालू घाट में हुआ जिसमें अपराधियों द्वारा हजारों राउंड गोली चलाई गई जिससे दर्जनों लोगों की मृत्यु हो गई।पुलिस प्रशासन इतना इस्थिल और कर्तव्य हिना हो चुका है। कि सैकड़ों अपराधिक मामलों में प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करता है। महा गठबंधन सरकार द्वारा पुलिस प्रशासन को भ्रष्टाचार का पर्याय बना दिया गया है अपराधियों में पुलिस प्रशासन का भय समाप्त हो चुका है राज्य शोषित अपराधियों की संख्या में दिन दूना रात चौगुना वृद्धि हो रही है जिससे पूरे राज्य में भय का माहौल है और यहां की आम जनता पूरी तरह से त्रस्त हो चुकी है बिहार में सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही है। पुलिस प्रशासन अवैध कमाई हेतु दारू एवं बालू माफियाओं के साथ सांठगांठ कर रहे हैं। और आपराधिक मामलों में खानापूर्ति के लिए गरीब असहाय लोगों को पकड़ लिया जाता है।माननीय मुख्यमंत्री जी का पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक और अनुश्रवण मात्र खानापूर्ति एवं दिखावा भर है। इसलिए अपराधियों में मनोबल एवं हौसलों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है श्रीमान आप अवगत है। कि अनेक बाहुबली राज्य मंत्री परिषद के सदस्य हैं। अथवा सत्ता में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विशेष भागीदार है। पूर्व में इसका भैया वाह अपराधिक इतिहास रहा है। शासन का भागीदार होने के बावजूद भी इनकी यह प्रवृत्ति यथावत है।ऐसे लोगों के राज्य पोषण थे हत्या बैंक डकैती डकैती आभूषण दुकान पर डाका अनवरत जारी है। साथ ही कई सत्ता संरक्षित जनप्रतिनिधि अवैध रूप से दारू और बालू के कारोबार में संलिप्त है। जिससे अपराधियों का मनोबल इनके संरक्षण में सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। इसी कारण अपराध चरम सीमा को भी लाल चुका है।राज्य की जनता भयभीत है। एवं यहां से व्यापारियों का भी पलायन राज्य के बाहर होने लगा है। भोजपुर समस्तीपुर बेगूसराय वैशाली मुंगेर खगड़िया एवं भागलपुर जैसे कई जिलों में हत्या एवं लूट प्रत्येक दिन की घटना हो गई है। भोजपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री तेजस्वी यादव माननीय उपमुख्यमंत्री हैं।भोजपुर में हो रही आपराधिक घटनाओं को सहयोग नहीं कहा जा सकता है। यह सभी घटना सुनियोजित ढंग से हो रही है। राज्य में बड़े अपराधिक घटनाओं के कारण नए निवेशकों का आना तो दूर यहां के व्यापारियों का भी पलायन यहां से हो रहा है जिससे बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है।और कम उम्र के बेरोजगार नौजवान संगठन बनाकर नए-नए अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। और शराब अथवा अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करने में लग गए हैं। इन सभी कारणों से बिहार के नौजवानों का भविष्य अंधकार में हो रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी के जिम में गृह विभाग है। उन्हें अब विभाग की समग्र समीक्षा का समय नहीं है। वह अपने महत्वकांक्षी के वशीभूत होकर केवल राजनीतिक अभियान में लगे हैं। बिहार में अपराध के ग्राफ को कम दिखाने हेतु पुलिस थानों में कई संगीन मामलों मैं प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया जाता है।इतना ही नहीं बल्कि पुलिस द्वारा कई गंभीर अपराधों को भी छोटी अथवा परिवारिक घटना दर्शा कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जाती है। महामहिम अप राज्य के संवैधानिक प्रधान हैं। हम सभी आप को राज्य की बदतर हो रही कानून व्यवस्था की वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए इसमें संबोचित सुधार करने हेतु आपका ध्यान उत्कृष्ट कराना चाहते हैं। आपसे विनम्र अनुरोध है। कि समय रहते राज्य में गिरती कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने अपराधिक घटनाओं एवं सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैया पर संज्ञान लेने की कृपा करें साथ ही राज्य के माननीय मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को भी यथा आवश्यक निर्देश देना चाहेंगे जिससे बिहार के नौजवानों के भविष्य की रक्षा हो सके और बिहार में पुनः शांति और सौहार्द का वातावरण स्थापित हो सके।।