किशनगंज : समय पर पहचान से आसान होता है उपचार, एक सितंबर से शुरू होगा विशेष स्क्रीनिंग अभियान

किशनगंज, 22 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी और बढ़ते तनाव के कारण गैर संचारी रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती अवस्था में अक्सर स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। ऐसे में समय पर पहचान और उपचार के लिए जिले में एक सितंबर से विशेष गैर संचारी रोग स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया जाएगा।
अभियान के तहत लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार, दवा और फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध है।
घर-घर हो रही जोखिम की पहचान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर सी-बैक (कम्युनिटी बेस्ड असेसमेंट चेकलिस्ट) प्रपत्र के जरिए लोगों में गैर संचारी रोगों के जोखिम का आकलन किया जा रहा है। जोखिम या बीमारी के संकेत मिलने पर संबंधित व्यक्ति को आगे की जांच के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाता है।
जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच गैर संचारी रोगों के नियंत्रण की महत्वपूर्ण कड़ी है। नियमित स्क्रीनिंग से मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की समय पर पहचान कर मरीजों को उपचार एवं फॉलोअप से जोड़ा जा सकता है।
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने लोगों से प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच को नियमित आदत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने का इंतजार नहीं करना चाहिए। शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर उपचार आसान होता है और गंभीर जटिलताओं के साथ आर्थिक बोझ को भी कम किया जा सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित नहीं करने पर हृदय, गुर्दे और आंखों समेत शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार जारी रखने की अपील की।



