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जलावन के बहाने खेत में बुलाकर महिला की हत्या, किशनगंज पुलिस ने 5 दिन में किया खुलासा, भैसुर समेत दो गिरफ्तार

किशनगंज,21अप्रैल(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले के अर्राबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत बालूबाड़ी गांव में मकई के खेत में मिली महिला के शव मामले का पुलिस ने महज पांच दिनों के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में मृतका के रिश्तेदार ही साजिशकर्ता और हत्यारा निकले। पुलिस ने मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल 2026 की रात अर्राबाड़ी थाना क्षेत्र के बालूबाड़ी गांव में मकई के खेत में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी।मृतका की पहचान सनवरी बेगम, पति अंसार आलम, वार्ड संख्या-02, बालूबाड़ी के रूप में हुई। इस संबंध में अर्राबाड़ी थाना कांड संख्या 11/26 दिनांक 16 अप्रैल 2026 को बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले के खुलासे के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 मंगलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि मृतका और उसके भैसुर फजले रब्बी के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। पूर्व में मृतका के साथ छेड़खानी और लज्जा भंग का प्रयास भी किया गया था, जिसको लेकर पंचायत हुई थी। पुलिस के अनुसार फजले रब्बी चाहता था कि मृतका गांव की जमीन बेचकर पति के पास मुंबई चली जाए ताकि वह जमीन पर मकान बना सके।

इसी विवाद के चलते फजले रब्बी ने अपने साथी और बटाईदार मैनुल हक के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। दोनों ने जलावन का लालच देकर मृतका को मकई के खेत में बुलाया। जब मृतका अपनी गोतनी के साथ जलावन इकट्ठा कर रही थी, उसी दौरान दोनों आरोपी बाइक से पहुंचे और मृतका को दूसरे खेत में जलावन लाने के बहाने अकेले ले गए। मृतका की दो वर्षीय बच्ची को गोतनी के पास छोड़ दिया गया। इसके बाद दोनों ने मकई के खेत में गला दबाकर हत्या कर दी।

पुलिस को गुमराह करने के लिए मुख्य आरोपी फजले रब्बी ने मृतका के पति के आने से पहले ही स्वयं वादी बनकर प्राथमिकी दर्ज करा दी और बार-बार बयान बदलता रहा।

विशेष अनुसंधान दल ने मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 25 से अधिक लोगों से पूछताछ की तथा 15 स्थानों पर छापेमारी की। इसके बाद पांच दिनों के भीतर मामले का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में फजले रब्बी बालूबाड़ी, अर्राबाड़ी थाना, मैनुल हक, वाड़ा हटिया, अर्राबाड़ी थाना शामिल है। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।

पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में मृतका के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल एवं एफएसएल रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है।

छापेमारी दल में एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह, जिला आसूचना इकाई प्रभारी मो. मुश्ताक, अंचल निरीक्षक पंकज कुमार पंत, थानाध्यक्ष अंजय अमन, थानाध्यक्ष कनक लता, छत्तरगाछ प्रभारी राम बहादुर शर्मा सहित एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई एवं स्थानीय पुलिस बल के जवान शामिल थे।

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