किशनगंज : लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन का डीएम ने दिया निर्देश
जिला समन्वय समिति की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभागवार मामलों की हुई समीक्षा

किशनगंज, 10 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ जिला समन्वय समिति की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित आवेदनों एवं मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सबसे पहले जिला विधिक प्रशाखा से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। इसमें सीडब्ल्यूजेसी, एमजेसी, एलपीए, नीलाम पत्र वाद तथा कार्यालय में लंबित पत्रों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। डीएम ने 20 वर्ष से अधिक पुराने नीलाम पत्र वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर नियमानुसार शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
जनता दरबार, ईज ऑफ लिविंग, मुख्यमंत्री जनता दरबार, लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, पीएमओ पोर्टल एवं सीपी ग्राम्स से प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने जनता दरबार से जुड़े लंबित आवेदनों को आवेदनवार देखा और संबंधित पदाधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के साथ निष्पादित करने को कहा।
भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय से पारित आदेशों के अनुपालन की भी समीक्षा हुई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित कर न्यायालय के आदेशों का नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन, शौचालय, पेयजल, बिजली सुविधा तथा खराब विद्युत व्यवस्था समेत विद्यालय भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित किए जाने के मामलों की समीक्षा की गई। डीएम ने अपर समाहर्ता और उप विकास आयुक्त की संयुक्त अध्यक्षता में सभी सीडीपीओ के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान कराने का निर्देश दिया।
इसके अलावा सीएम डैशबोर्ड, विधानसभा सचिवालय से प्राप्त पत्रों, विभिन्न विभागों के लंबित पत्रों तथा भूमि की आवश्यकता और उपलब्धता से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित विभागों से भूमि संबंधी विस्तृत प्रतिवेदन गोपनीय प्रशाखा को उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में डीडीसी, अपर समाहर्ता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी बीडीओ और सीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।



