शिक्षा

वात्सल्यम् 2026: सरला बिरला पब्लिक स्कूल में ग्रैंडपेरेंट्स डे का भव्य आयोजन

राँची, 9 अगस्त। सरला बिरला पब्लिक स्कूल, राँची में रविवार को ‘वात्सल्यम् 2026’ ग्रैंडपेरेंट्स डे का भव्य आयोजन आत्मीयता, उल्लास और कृतज्ञता के भाव के साथ किया गया। कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत इस विशेष कार्यक्रम की थीम ‘एडुवेरिस – शिक्षा का नया युग’ रही। कार्यक्रम में परंपरागत जीवन-मूल्यों और आधुनिक शिक्षा के बदलते स्वरूप का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत एवं नृत्य के माध्यम से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। ‘मैत्री बंधन’ समारोह में ग्रैंडपेरेंट्स और उनके नन्हे-मुन्नों के बीच प्रेम, स्नेह, देखभाल और जीवनानुभवों के चिरस्थायी संबंध को भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त किया गया। विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट हेड गर्ल द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें स्कूल की प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण पड़ावों को रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री संजय धर, कार्यकारी निदेशक (एचआर-एलएंडडी), सेल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नए युग में आधुनिक दक्षताओं और चिरस्थायी मूल्यों के बीच संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एसटीईएम शिक्षा, बहुभाषिकता, कला-एकीकरण, खेल और प्रौद्योगिकी बच्चों के क्षितिज को व्यापक बनाते हैं, वहीं ग्रैंडपेरेंट्स उनमें सहानुभूति, दृढ़ता, अपनत्व और सम्मान जैसे मानवीय गुण विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं, बल्कि परिवारों और पीढ़ियों से जुड़ी एक साझा यात्रा है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने ‘एडुवेरिस’ की थीम को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। कक्षा II-B एवं II-E के विद्यार्थियों ने ‘विज्ञान और सृजन’ के जरिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। II-C एवं II-F ने ‘क्रिएटिव कॉसमॉस’ के माध्यम से कला-एकीकरण द्वारा गणित एवं विज्ञान के अधिगम को दर्शाया। वहीं II-A एवं II-D के विद्यार्थियों ने ‘लिटिल लीडर्स’ के माध्यम से रचनात्मकता, आत्मविश्वास और 21वीं सदी के कौशलों को उजागर किया।

कक्षा I-B एवं I-C ने ‘मल्टीलिंगुअल मोमेंटम’ के माध्यम से बहुभाषिक शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। I-D एवं I-E के विद्यार्थियों ने ‘विजन 2047: द एआई क्लासरूम’ के जरिए तकनीक आधारित शिक्षा की झलक पेश की। I-A एवं I-F ने ‘तरंग खेल की’ के माध्यम से संतुलित जीवन में खेलों की भूमिका को दर्शाया। वहीं I-G के विद्यार्थियों ने ‘उम्मीदों की उड़ान’ में एसटीईएम शिक्षा, बहुभाषिकता, नवाचार, खेल भावना और युवा विद्यार्थियों की आकांक्षाओं को एक साथ पिरोया।

कार्यक्रम में आयोजित सावन उत्सव ने समारोह में रंग, उल्लास और सांस्कृतिक समृद्धि का आकर्षक समावेश किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। ग्रैंडपेरेंट्स ने बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लेते हुए उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा पर गर्व व्यक्त किया तथा आयोजन से जुड़ी अनेक स्नेहिल और यादगार स्मृतियां अपने साथ लेकर लौटे।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि ‘एडुवेरिस’ का उद्देश्य बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करना है, लेकिन उन मूल्यों से दूर किए बिना, जो उनकी पहचान को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय जिज्ञासु, आत्मविश्वासी और नई प्रौद्योगिकियों के साथ सहज विद्यार्थियों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो आधुनिक तकनीक से परिचित होने के साथ-साथ संवेदनशील, संस्कारवान और अपने परिवारों से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि सार्थक शिक्षा तभी संभव है, जब परंपरा और नवाचार एक-दूसरे को सशक्त बनाते हुए साथ आगे बढ़ें।

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