ठाकुरगंज : बुढ़ी कंकई नदी से धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू खनन, प्रशासनिक कार्रवाई बेअसर

किशनगंज,15मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह/फ़रीद अहमद, ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत पौआखाली थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन का खेल एक बार फिर तेज हो गया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार पवना होकर गुजरने वाली बुढ़ी कंकई नदी से दिन-रात बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। बालू माफिया बिना किसी डर के नदी का सीना चीरकर ट्रैक्टरों के जरिए बालू निकाल रहे हैं तथा खुलेआम इसका परिवहन भी किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार नदी से निकाले गए बालू को ट्रैक्टरों के माध्यम से पौआखाली रूट होकर विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल पवना ही नहीं, बल्कि सिमलवाड़ी समेत आसपास के कई इलाकों में भी अवैध खनन और परिवहन का खेल लगातार जारी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध बालू खनन के कारण नदी की संरचना प्रभावित हो रही है और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति भी हो रही है। लगातार हो रहे खनन से नदी किनारे कटाव का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले से ही प्रशासन की नजर में संवेदनशील माना जाता रहा है। पूर्व में भी पवना क्षेत्र में अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई थी। खान निरीक्षक द्वारा इस मामले में स्थानीय थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद बालू माफियाओं की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही फिर से अवैध खनन शुरू हो जाता है। रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों के जरिए बालू ढोया जाता है, जिससे क्षेत्र में लगातार आवाजाही बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से नियमित छापेमारी अभियान चलाकर अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
इधर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि इलाके में जिस तरह खुलेआम अवैध बालू कारोबार चल रहा है, उससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।



