किशनगंज : डौंक नदी में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, डीएम ने किया औचक निरीक्षण

किशनगंज, 04 जून (हि.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सदर प्रखंड के मोतिहारा तालुका पंचायत अंतर्गत अमलझाड़ी एवं बागडोबा (वार्ड संख्या-4) गांव के समीप बहने वाली डौंक नदी में लंबे समय से चल रहे अवैध बालू खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। लगातार मीडिया और अखबारों में अवैध खनन की खबरें प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और भारी पुलिस बल के साथ अवैध खनन स्थल पर औचक छापेमारी की गई।
कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल राज, अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, एसडीपीओ-वन मो. खुसरू सिराज सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नदी किनारे संचालित अवैध खनन गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा स्थिति का जायजा लिया।
छापेमारी के दौरान अवैध रूप से बालू के उठाव एवं परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कई नावों को जब्त कर जेसीबी की सहायता से नष्ट कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और सरकारी राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले बालू माफियाओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी के पहुंचने की सूचना पहले ही बालू माफियाओं तक पहुंच गई थी। इसके चलते प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पूर्व ही अधिकांश माफिया और मजदूर मौके से फरार हो गए। हालांकि नावों को नष्ट किए जाने से अवैध खनन सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि डौंक नदी में दिन-रात अवैध बालू खनन किया जा रहा था, जिससे नदी के अस्तित्व और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से नियमित निगरानी एवं पुलिस गश्ती की मांग की ताकि भविष्य में दोबारा अवैध खनन शुरू न हो सके।
वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि अवैध बालू खनन के इस कारोबार में एक जनप्रतिनिधि की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अवैध खनन से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।



