खेल-खेल में सीखने का उत्साह, किशनगंज में स्कूल रेडीनेस मेला 2026 का शुभारंभ

किशनगंज,09मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लहरा फुलबारी में शनिवार को “स्कूल रेडीनेस मेला 2026” का भव्य आयोजन किया गया। प्रथम संस्था एवं आईसीडीएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य 4 से 6 वर्ष के बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार करना तथा खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से उनमें सीखने की रुचि विकसित करना रहा।
विद्यालय परिसर बच्चों की खिलखिलाहट, रंग-बिरंगी गतिविधियों और उत्साह से गुलजार नजर आया। मेले में बड़ी संख्या में बच्चों, माताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका दीदियों, शिक्षकों एवं समुदाय के लोगों ने भाग लिया।
मेले में बच्चों के लिए सात अलग-अलग गतिविधि स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर भाषा विकास, प्रारंभिक गणित, रंग पहचान, तार्किक सोच, शारीरिक संतुलन एवं सामाजिक-भावनात्मक विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया और खेल-खेल में नई चीजें सीखीं। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक बच्चे का व्यक्तिगत रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया गया, जिसमें उसकी सीखने की प्रगति एवं विभिन्न क्षमताओं का आकलन किया गया।अभिभावकों को घर पर बच्चों के साथ खेल-आधारित गतिविधियां करने के लिए विशेष सुझाव भी दिए गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीडीएस डीपीओ अंकिता सिंह, सीडीपीओ हर्ष हिमांशु, प्रथम संस्था के राज्य कार्यक्रम समन्वयक मनोज कुमार तथा स्टेट टीम के नकी अहमद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने विभिन्न गतिविधि स्टॉलों का अवलोकन कर बच्चों एवं अभिभावकों से संवाद किया और इस पहल की सराहना की।
जिलाधिकारी विशाल राज ने “स्कूल रेडीनेस मेला 2026” की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव होती है। उन्होंने कहा कि खेल आधारित शिक्षा बच्चों में सीखने की स्वाभाविक रुचि विकसित करती है और उन्हें विद्यालय के वातावरण से सहज रूप से जोड़ती है। मेले के बाद अगले चार सप्ताह तक माताओं के व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से बच्चों के लिए दैनिक गतिविधियां साझा की जाएंगी, ताकि घर पर भी खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया जारी रह सके।
जिले के सात प्रखंडों में आयोजित होने वाला यह मेला गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा और समुदाय की सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



