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किशनगंज : सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की आमद, अनावश्यक रेफरल रोकने पर जोर

किशनगंज, 13 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की बैठक हुई। बैठक में सदर अस्पताल की कार्यप्रणाली, चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की उपलब्धता, जांच सेवाओं, सी-सेक्शन, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, टीबी स्क्रीनिंग, गैर-संचारी रोग, परिवार नियोजन और एचपीवी टीकाकरण की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा में सामने आया कि जून की तुलना में जुलाई में स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की संख्या और जांच सेवाओं में वृद्धि हुई है। जून में 42,820 ओपीडी के मुकाबले जुलाई में 53,043 ओपीडी दर्ज हुई। वहीं आईपीडी मरीजों की संख्या 2,363 से बढ़कर 2,887 हो गई। एक्स-रे जांच में भी दोगुने से अधिक वृद्धि हुई। जून में 7,104 एक्स-रे के मुकाबले जुलाई में 14,265 एक्स-रे किए गए। अल्ट्रासाउंड जांच भी जून के 79 से बढ़कर जुलाई में 286 हो गई।

मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में जुलाई में 535 प्रसव दर्ज किए गए। डीएम ने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान और निगरानी के साथ सी-सेक्शन सेवाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया।

बैठक में सदर अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं का बेहतर उपयोग करने तथा अनावश्यक रेफरल कम करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि प्रखंडों से रेफर मरीजों को यथासंभव सदर अस्पताल में ही विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाए। गंभीर स्थिति में ही उच्च संस्थानों में रेफर किया जाए।

एनआरसी में कम नामांकन पर भी डीएम ने चिंता जताई। स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के बेहतर समन्वय से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एनआरसी तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। टीबी, गैर-संचारी रोग, परिवार नियोजन और एचपीवी टीकाकरण की प्रगति में तेजी लाने को भी कहा गया।

डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि मरीजों को मिले समय पर उपचार और सुविधा के आधार पर किया जाएगा।

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