ठाकुरगंज : चुरली में 19वीं वाहिनी एसएसबी की ग्राम स्तरीय समन्वय बैठक, ग्रामीणों ने रखीं विकास और रोजगार से जुड़ी मांगें

किशनगंज, 05 सितंबर (के.स.)। फ़रीद अहमद, भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सीमावर्ती ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय एवं आपसी विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से 19वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), ठाकुरगंज की ओर से ग्राम चुरली में ग्राम स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता 19वीं वाहिनी के कमांडेंट राज कुमार खलखो ने की।
कार्यक्रम में उप कमांडेंट विकास पांडे, सहायक कमांडेंट विभव कुमार एवं इंस्पेक्टर मनोज कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। समाजसेवक अरुण सिंह, भाजपा जिला प्रवक्ता कौशल किशोर यादव, वार्ड सदस्य विनोद साहनी, शत्रुघ्न पंडित और बीरेंद्र मुर्मू समेत चुरली एवं बेसरबाटी के ग्रामीणों ने बैठक में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
बैठक को संबोधित करते हुए कमांडेंट राज कुमार खलखो ने सीमा सुरक्षा में एसएसबी की भूमिका और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में ग्रामीणों की भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि सीमावर्ती गांव देश की सुरक्षा और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने एसएसबी की ओर से संचालित विभिन्न नागरिक कल्याण कार्यक्रमों की भी जानकारी ग्रामीणों को दी।
इस दौरान ग्रामीणों ने एसएसबी के साथ सीधे संवाद करते हुए क्षेत्र में पशु तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में एसएसबी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
बैठक में ग्रामीणों ने आगामी सिविक एक्शन प्रोग्राम को लेकर कई मांगें भी कमांडेंट के समक्ष रखीं। इनमें गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने, जिर्रांगच और चौकहुड गांवों में मेडिकल कैंप लगाने, किसानों को कृषि उपकरण उपलब्ध कराने तथा युवाओं के लिए ब्यूटीशियन और पोल्ट्री फार्मिंग प्रशिक्षण शुरू करने की मांग प्रमुख रही।
कमांडेंट ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि आगामी नागरिक सहायता कार्यक्रमों के तहत इन प्रस्तावों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा और जनहित में आवश्यक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक को ग्रामीणों और एसएसबी के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।



