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किशनगंज : सदर अस्पताल से हटाए गए भूतपूर्व सैनिकों ने लगाई गुहार, रोजगार बहाली की मांग

किशनगंज, 09 जून (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सदर अस्पताल में वर्षों से सुरक्षा सेवा दे रहे भूतपूर्व सैनिकों को नई सुरक्षा एजेंसी द्वारा कार्य से हटाए जाने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर रोजगार बहाल कराने की मांग की है। इस संबंध में भूतपूर्व सैनिकों के एक शिष्टमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी विशाल राज एवं सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी को आवेदन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया।

आवेदन में बताया गया है कि वे सभी लंबे समय से निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। हाल ही में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी नई एजेंसी इलाइट फलकॉन्स प्रा. लिमिटेड को सौंपी गई है। नई एजेंसी ने 6 जून से अस्पताल में अपने सुरक्षा गार्डों की तैनाती शुरू कर दी, लेकिन पूर्व में कार्यरत भूतपूर्व सैनिकों को दोबारा काम पर नहीं रखा गया।

भूतपूर्व सैनिक नूर परवेज, ज्योतिश हांसदा, कलामुद्दीन, मोहिंदर मोदक, फनी लाल, बिपुल कुमार एवं विधान मुर्मू ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि उन्होंने वर्षों तक ईमानदारी और निष्ठा के साथ अस्पताल परिसर, वार्डों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई है। इसके बावजूद उन्हें अचानक कार्यमुक्त कर दिया गया, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

शिष्टमंडल ने कहा कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में उनके अनुभव का लाभ मिलता रहा है और पहले से कार्यरत भूतपूर्व सैनिकों एवं सुपरवाइजरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पुनः सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य करने का अवसर प्रदान करने की मांग की है।

गौरतलब है कि सदर अस्पताल में पूर्व में सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने वाली समानता सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर करीब 1.82 करोड़ रुपये के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीमों ने जांच में सुरक्षा गार्डों की वास्तविक संख्या और बिल भुगतान विवरण में अंतर पाए जाने की पुष्टि की थी। जांच में अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की बात भी सामने आई थी। इसके बाद अतिरिक्त भुगतान की राशि की वसूली और नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। मामले में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक द्वारा संबंधित एजेंसी के प्रबंधक के खिलाफ सदर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। अब नई एजेंसी के आने के बाद पुराने सुरक्षा कर्मियों के रोजगार का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

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