*गया को खेल अवसंरचना एवं प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कार्य तेज किया जाए : डॉ. प्रेम कुमार*
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में आज खेल विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिहार सरकार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह एवं खेल विभाग के निदेशक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में गया जिले तथा मगध प्रमंडल में खेल अवसंरचना के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाओं के विस्तार की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने गया कॉलेज के समीप प्रस्तावित 8 लेन सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, बोधगया स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), विशेष कार्यबल प्रशिक्षण केंद्र तथा दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रस्तावित खेल परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। विभाग द्वारा बताया गया कि इन सभी परियोजनाओं के प्रस्ताव भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय को स्वीकृति हेतु भेजे जा चुके हैं और स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
डॉ. प्रेम कुमार ने गांधी मैदान स्थित हरिहर सुब्रह्मण्यम स्टेडियम के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि गया जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले शहर में आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर शीघ्र डीपीआर तैयार करने पर बल दिया।
मगध प्रमंडल अंतर्गत चंदौती के दूर्वे में प्रस्तावित प्रमंडलीय खेल परिसर की समीक्षा करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि बिहार के सभी प्रमंडलों के लिए एक आदर्श खेल परिसर मॉडल विकसित किया जाए, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एथलेटिक्स ट्रैक, खेल मैदान, खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों के आवास, प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि गया में पर्याप्त भूमि, एयरपोर्ट, रेल एवं सड़क संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए इसे खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।
बैठक में डॉ. प्रेम कुमार ने मगध प्रमंडल में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र की स्थापना की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गया में दो विश्वविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तथा उत्कृष्ट परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसके कारण यहां साई केंद्र की स्थापना खिलाड़ियों के हित में अत्यंत उपयोगी होगी। उन्होंने इस संबंध में भारत सरकार से आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।
उन्होंने गया जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों में प्रशिक्षित करने हेतु विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान खेल विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि गया में एकलव्य तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जा रही है, जिसे शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
बैठक में पंचायत स्तर पर गठित खेल क्लबों की समीक्षा करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में भी खेल क्लब गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को गांवों के साथ-साथ शहरों में भी मजबूत करने की आवश्यकता है, जिससे बच्चों और युवाओं में खेल के प्रति रुचि एवं आत्मविश्वास का विकास हो सके। उन्होंने सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य संस्थानों के परिसरों को खेल मैदान के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण एवं खेल संघों की सक्रिय भागीदारी से बिहार खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने खेल विभाग को केंद्र सरकार के समक्ष लंबित प्रस्तावों के त्वरित अनुमोदन हेतु सतत प्रयास करने तथा सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में अध्यक्ष ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए खेल विकास के कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का आह्वान किया।


