ठाकुरगंज : प्रखंड परिसर में कचरे का अंबार, चापाकल की हैंडल गायब, व्यवस्था पर उठे सवाल

ठाकुरगंज, 20 अगस्त (के.स.)। फ़रीद अहमद, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासनिक दावों के बीच ठाकुरगंज प्रखंड परिसर की तस्वीरें ही व्यवस्था की हकीकत बयां करती नजर आ रही हैं। प्रखंड परिसर के अंदर ही प्लास्टिक कचरे का अंबार लगा हुआ है। इससे साफ-सफाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे हैरान करने वाली स्थिति कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र भवन के समीप लगे चापाकल की है। चापाकल की हैंडल गायब है, जिसके कारण उससे पानी निकालना संभव नहीं है। इसके आसपास भी साफ-सफाई का अभाव दिखाई देता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब चापाकल लगाया गया है, तो उसकी देखरेख क्यों नहीं की जा रही है?
सरकारी परिसर में लगाया गया चापाकल लोगों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया होगा, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह महज एक ढांचा बनकर रह गया है। यदि चापाकल उपयोगी है तो उसकी मरम्मत और नियमित देखरेख क्यों नहीं हो रही? और यदि उपयोग में ही नहीं आना है, तो सरकारी संसाधन खर्च कर इसे लगाने का औचित्य क्या है?
प्रखंड मुख्यालय को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए व्यवस्था और विकास का केंद्र माना जाता है। ऐसे में परिसर के अंदर ही कचरे का ढेर और खराब पड़ा चापाकल यह सवाल खड़ा करता है कि जब मुख्यालय परिसर की व्यवस्था ऐसी है, तो पंचायतों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति कैसी होगी?
अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी प्रखंड परिसर की साफ-सफाई और खराब पड़े चापाकल की ओर कब ध्यान देते हैं और जिम्मेदार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
सवाल उठता है कि प्रखंड परिसर में डस्टबिन है भी या नहीं यदि नहीं है तो क्यों नहीं है यदि है तो कहां है ?



