जातीय जनगणना “ का छात्र-युवा कर रहे हैं स्वागत – निशांत यादव

“जातीय जनगणना “ का छात्र-युवा कर रहे हैं स्वागत – निशांत यादव
बिहार में जातीय जनगणना की शुरुआत हो चुकी है ॥। बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बना जहां जातीय जनगणना की शुरुआत हुई ॥केंद्र सरकार को बिहार से सीख लेना चाहिए और पूरे देश में जातीय जनगणना करानी चाहिए॥ देश में वर्तमान समय तक भी आदिवासी ,दलित ,पिछड़ा वर्ग समाज की मुख्यधारा में नहीं आ पाया है ॥इतिहास के पन्नों में बिहार अनेक़ोनेक बार देश का नेतृव जिया है। मंडल कमिसन से मिले पिछड़ो के 27% आरक्षण क़ो भी बिहार ने शैक्षणिक -प्रशासनिक एवं अन्य क्षेत्रों में लागू किया था ,जिसका परिणाम सकारात्मक हुआ और आदिवासियों ,पिछड़ों,दलितों एवं वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ा गया ।स्वतंत्रता की लड़ाई की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने बिहार के चम्पारण से किया ।जय प्रकाश नारायण जी ने भी बिहार के पटना विश्वविद्यालय से लालू प्रसाद यादव जी के साथ मिलकर परिवर्तन की शुरुआत की ।वर्तमान केंद्र सरकार सत्ता के ग़ुरूर में मग़रूर है और जातीय जनगणना नहीं कराने के पक्ष में रही ॥
बिहार की जनसंख्या का कुल 70 फ़ीसदी छात्र-युवाओं का है , बिहार में जातीय जनगणना के साथ आर्थिक परिस्थिति की भी है गणना होनी है जिससे बोहोत कुछ आगे बदलाव देखने को मिल सकती है ।बिहार के छात्र -युवा जातीय जनगणना की शुरुआत का स्वागत हर्षोल्लास के साथ कर रहे है साथ ही जनगणना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आतुर है ॥लाखों छात्रों ने सोशल मीडिया (twitter, Facebook) के माध्यम से उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव जी की नयी सरकार को इस एतिहासिक पहल के लिए धन्यवाद भी दिया.



