झारखण्डराजनीति

झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: सड़क परियोजना, वन्यजीव मुआवजा, कोल ब्लॉक और सिंचाई योजनाओं को मिली मंजूरी

रांची, 15 जून: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में आधारभूत संरचना, सिंचाई, खनन, वन एवं पर्यावरण, प्रशासनिक सुधार और कर्मचारी हितों से जुड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने रांची के नामकुम-डोरंडा मार्ग को चार लेन में विकसित करने के लिए 162.82 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। वहीं पलामू की महत्वाकांक्षी अमानत बराज सिंचाई योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को भी मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने जंगली जानवरों से होने वाली क्षति पर मुआवजा भुगतान संबंधी प्रावधानों में संशोधन का निर्णय लिया है। इससे वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के लिए झारनेट 2.0 परियोजना की अवधि जुलाई 2026 तक बढ़ाने और इसके लिए 65.50 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई। साथ ही विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतनमान एवं संविदा भुगतान को भी मंजूरी दी गई।कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग और वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्रेडिट सुविधाएं, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद तथा अन्य मूल्यवर्धित सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली। बोकारो जिले के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉकों के लिए खनन पट्टों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा गोड्डा जिले के जीतपुर कोल ब्लॉक के लिए निजी कंपनी को खनन पट्टा देने पर भी मुहर लगी। पूर्वी सिंहभूम के एमराल्ड खनिज ब्लॉकों को आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेने का निर्णय भी लिया गया। वन एवं पर्यावरण विभाग के कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने की मंजूरी दी गई। साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए क्षतिपूरक वनरोपण संबंधी मामलों के निस्तारण की शक्तियां उपायुक्तों को सौंपने का निर्णय लिया गया। बैठक में गोड्डा और बोकारो समाहरणालयों में वर्षों से कार्यरत कुछ कर्मियों की सेवाओं के नियमितीकरण को मंजूरी दी गई। इसके अलावा उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की वर्ष 2016 की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों को मोटरयान निरीक्षक पद पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया। कानूनी मोर्चे पर भी सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए। राज्य के महाधिवक्ता के रूप में रोहिताश्य रॉय की नियुक्ति को मंजूरी दी गई, जबकि अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव को पदोन्नत कर वरीय अपर महाधिवक्ता बनाया गया। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और राज्य वित्त से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्टों को आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की मंजूरी भी दी गई।

प्रमुख फैसले एक नजर में

नामकुम-डोरंडा सड़क चौड़ीकरण के लिए 162.82 करोड़ रुपये मंजूर।

अमानत बराज सिंचाई योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये की स्वीकृति।

जंगली जानवरों से होने वाली क्षति के मुआवजा नियमों में संशोधन।

झारनेट 2.0 परियोजना को जुलाई 2026 तक विस्तार।

सरकारी कर्मचारियों के लिए नई वित्तीय और बीमा सुविधाओं की मंजूरी।

पर्वतपुर, सीतानाला और जीतपुर कोल ब्लॉकों से जुड़े खनन प्रस्ताव स्वीकृत।

गोड्डा और बोकारो के कई कर्मियों की सेवा नियमित।

मोटरयान निरीक्षक पद पर नियुक्ति का रास्ता साफ।

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