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*सर्वोत्तम प्रयास और क्षमता की कसौटी पर हो न्याय, धरातल पर दिखना भी है जरूरीः मुख्य सचिव*

– मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय ने लॉन्च किया निदेशालय का वेबसाइट, गतिविधियों की दी गई जानकारी

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा सरकारी सेवक से जुड़े प्रकरण में न्याय जांच और प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के सर्वोत्तम प्रयास और क्षमता की कसौटी पर होनी चाहिए। साथ ही मामले में न्याय का दिखना भी जरूरी है।

मुख्य सचिव बुधवार को मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय के सभागार में विभागीय गतिविधि संबंधी वेबसाइट के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने हाल के दिनों में निदेशालय की ओर से राज्य भर के प्रशासनिक पदाधिकारियों को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के अनुप्रयोग संबंधी प्रशिक्षण दिए जाने पर बधाई दी। कहा कि महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह और उनकी टीम के परिश्रम का ही परिणाम है कि हाल के फरवरी-मार्च में शुरू प्रशिक्षण में अभी तक साढ़े तीन हजार से अधिक प्रशासनिक पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे सरकारी सेवकों के खिलाफ दर्ज होने वाले मामलों में नैसर्गिक न्याय का रास्ता साफ होगा।
मुख्य सचिव ने अभिलेखों के रख-रखाव की व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेन्दर और विभागीय टीम को शुभकामना दी। कहा कि विभाग का यह प्रयास भविष्य में प्रशासनिक पदाधिकारी और कर्मचारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने मुख्य सचिव को बताया कि नैसर्गिक न्याय की दिशा में निदेशालय ने अभी तक 3507 प्रशासनिक पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया है। इसमें मुख्य रूप से विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर पर 42 और पटना में तैनात विशेष सचिव स्तर तक के 95 आईएएस अधिकारियों को अनुशासनिक कार्रवाई के संबंध में प्रशिक्षित किया जा चुका है। कहा कि जिन पदाधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है, उनकी परीक्षा भी ली जा रही है।

श्री सिंह ने बताया कि जिलों में पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किए जाने और उनकी परीक्षा लिए जाने की दिशा में प्रशिक्षकों का समूह तैयार किया जा रहा है। इसमें सहयोग के लिए निदेशालय ने वेबसाइट बनाया है। इस वेबसाइट पर अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित सभी पुस्तकों को अपलोड किया जा चुका है। उन्होंने मुख्य सचिव पर निदेशालय से प्रकाशित पुस्तकों का सेट भी भेंट किया। इससे पहले सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, गृह विभाग के जांच आयुक्त-सह-अपर प्रमुख सचिव अरविंद कुमार चौधरी, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, वित्त विभाग के सचिव रचना पाटिल के साथ सामान्य प्रशासन विभाग एवं मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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