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बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने काकोरी षड्यंत्र में शामिल वीर सपूतों की देशभक्ति को याद करते हुए कहा कि काकोरी कांड स्वतंत्रता संग्राम का अमिट अध्याय है, जिसने देशभक्ति और बलिदान का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद।उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ाने वाली इस घटना ने देशभर के युवाओं में राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्म बलिदान की अलख जगा दी थी। 9 अगस्त 1925 को क्रांतिकारियों ने लखनऊ के पास काकोरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोक कर सरकारी खजाना लूटा था। काकोरी कांड में अग्रणी भूमिका निभाने वाले राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दे दी गई। आज हम उन अमर बलिदानियों को नमन करते हैं, जिन्होंने स्वराज्य और मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया ।
