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सहरसा : अमरपुर पंचायत को आदर्श पंचायत के रूप में विकसित करने हेतु जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

सहरसा, 19 सितंबर (के.स.)। अजय कुमार, जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने शनिवार को प्रखंड कहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरपुर स्थित पंचायत सरकार भवन में पंचायत के समग्र एवं सुनियोजित विकास को लेकर संबंधित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित योजनाओं, मूलभूत जनसुविधाओं तथा पंचायत में उपलब्ध सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं बेहतर उपयोग के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने पंचायत के विकास के लिए स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी, पशुपालन, कृषि, आजीविका, स्वरोजगार, आधारभूत संरचना एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग को प्राथमिकता देते हुए विभागीय पदाधिकारियों एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया।

पंचायत में कचरा उठाव एवं स्वच्छता व्यवस्था को नियमित एवं प्रभावी बनाने तथा प्रत्येक घर से निर्धारित स्वच्छता शुल्क का शत-प्रतिशत संग्रहण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पंचायत वासियों से पंचायत को प्लास्टिक फ्री जोन बनाने की अपील की।

पंचायत के सभी वार्डों में नल-जल योजना की अद्यतन स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत के उपरांत नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को दिया।

सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर भवन, शौचालय, पेयजल, बिजली, पोषाहार एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।

सरकारी भवनों, विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक भवनों से संबंधित भूमि की मापी कराकर अतिक्रमण हटाने तथा सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया।

पंचायत सरकार भवन में निर्धारित रोस्टर के अनुसार कर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ न्याय कचहरी, पुस्तकालय/ई-पुस्तकालय, बैंकिंग एवं जन-औषधि केंद्र जैसी जनोपयोगी सेवाओं को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

पंचायत में सौर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र परिवारों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया गया।

जीविका समूहों को मत्स्य पालन, पशुपालन, बकरी पालन, दुग्ध उत्पादन एवं अन्य आयमूलक गतिविधियों से जोड़ते हुए उपलब्ध सरकारी संसाधनों एवं योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने को कहा गया।

पशुपालन विभाग के चिकित्सकों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पंचायत में नियमित रूप से उपस्थित होकर पशुपालकों को आवश्यक चिकित्सा एवं तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

पैक्स के माध्यम से खाद-बीज वितरण, कृषि उपकरण, कंप्यूटर सुविधा एवं जन-औषधि केंद्र जैसी सेवाओं को प्रभावी एवं सुचारू रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया।इच्छुक युवाओं एवं लाभुकों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं मुद्रा योजना जैसी योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को कहा गया।

पंचायत क्षेत्र में लगने वाले मेला एवं बाजार को व्यवस्थित करने, संबंधित भूमि का सर्वे कराने तथा राजस्व प्राप्ति की संभावनाओं पर विचार करने का निर्देश दिया गया।

dharmendra singh

धर्मेन्द्र सिंह प्रिंट माध्यम में 17 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं।राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है।

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