ठाकुरगंज : उद्घाटन के चंद दिनों बाद पंचायत सरकार भवन में दरार, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
तीन करोड़ से अधिक की लागत से बने भवन की दीवारों में दरारें, जेई ने बताया एयर क्रैक; भौतिक जांच के सवाल पर साधी चुप्पी

किशनगंज, 18 अगस्त (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह/फ़रीद अहमद, ठाकुरगंज प्रखंड के बंदरझूला पंचायत में नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब तीन करोड़ ग्यारह लाख रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस भवन की दीवारों के अलग-अलग हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। भवन का उद्घाटन स्थानीय विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने पांच अगस्त को फीता काटकर किया था। उद्घाटन के कुछ ही समय बाद दरारें सामने आने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
बताया जाता है कि भवन का निर्माण संवेदक अब्दुल बारिक द्वारा कराया गया है। भवन की दीवारों में आई दरारों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भवन को पंचायत स्तर पर सरकारी कामकाज और आम लोगों की सुविधा का केंद्र बनना था, उसके निर्माण के कुछ ही समय बाद इस तरह दरारें आना गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ कराया गया है, तो इतने कम समय में भवन की दीवारों में दरारें कैसे आ गईं। लोगों ने भवन की नींव, निर्माण सामग्री और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
गौर करने वाली बात यह भी है कि इससे पूर्व ठाकुरगंज क्षेत्र के बोथाथाना में निर्मित पंचायत सरकार भवन में भी इसी तरह दरारें आने की शिकायत सामने आ चुकी है। लगातार इस प्रकार की शिकायतों के बाद सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि निजी भवन निर्माण में लोग गुणवत्ता को लेकर काफी सतर्क रहते हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं से बनने वाले भवनों में कम समय में ही इस तरह की समस्याएं सामने आना चिंता का विषय है। लोगों ने संबंधित संवेदक के साथ-साथ निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
इस संबंध में संबंधित जेई तनवीर आलम से पूछे जाने पर उन्होंने भवन में आई दरार को ‘एयर क्रैक’ बताया। हालांकि दरारों की भौतिक जांच कराए जाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अब सवाल यह है कि क्या विभाग भवन की तकनीकी और भौतिक जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करेगा और यदि निर्माण में खामी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी।


