सहरसा : बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना एवं मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना पर जागरूकता सेमिनार आयोजित

सहरसा, 19 सितंबर (के.स.)। अजय कुमार, राजकीय पॉलिटेकनिक के पुराने भवन स्थित सेमिनार हॉल में जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र डीआरसीसी के द्वारा बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना एवं मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के संबंध में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, आवेदन प्रक्रिया एवं योजनाओं के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देना था।
सेमिनार में डीआरसीसी प्रबंधक संजय कुमार सुमन ने छात्र-छात्राओं को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने योजना की पात्रता,आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, शिक्षा ऋण, पुनर्भुगतान अवधि तथा योजना में किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों के बारे में सरल भाषा में समझाया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से योजना का लाभ उठाकर अपनी उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने की अपील की।
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य प्रो. मिथुन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र-छात्रा की उच्च शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से योजना की सही जानकारी प्राप्त कर इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की नोडल पदाधिकारी प्रो श्वेता शरण भारतीय ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान की ओर से योजना से संबंधित आवेदन एवं अन्य प्रक्रियाओं में छात्र-छात्राओं को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से योजना की पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेकर समय पर आवेदन करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संस्थान के नोडल पदाधिकारी से संपर्क करने की बात कही।
कार्यक्रम में डीआरसीसी टीम के कन्हैया कुमार एवं शहनवाज भी उपस्थित रहे तथा छात्र-छात्राओं को योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की।सेमिनार के दौरान छात्र-छात्राओं ने योजनाओं से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डीआरसीसी टीम द्वारा सरल एवं स्पष्ट रूप से उत्तर दिया गया। कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।सेमिनार को सफल बनाने में संस्थान के सभी व्याख्यातागण एवं स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।



