बिहार संग्रहालय एवं बिहार कौशल विकास मिशन के मध्य हुआ कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन हेतु एकरारनामा हस्ताक्षरित

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/ राज्य की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को युवाओं के कौशल से जोड़ने की विशेष पहल
– बिहार संग्रहालय और बिहार कौशल विकास मिशन के बीच हुआ एकरारनामा
पटना, 18 सितंबर। प्रदेश के युवाओं को कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े रोजगार के लिए तैयार करने उद्देश्य से आज बिहार संग्रहालय और बिहार कौशल विकास मिशन के बीच कौशल प्रशिक्षण देने के लिए एकरारनामा हस्ताक्षरित हुआ है। इसके तहत युवाओं के लिए तीन विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें म्यूजियम टूर गाइड, Certificate Course in Art Appreciation और Design in Folk Art शामिल हैं।
एकरारनामा पर बिहार संग्रहालय के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह और युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार कौशल विकास मिशन के श्री कौशल किशोर एवं अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, श्री नवदीप शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति में दोनों संस्थानों के अधिकारियों ने एकरारनामा पर हस्ताक्षर किये गये। इस समझौते का उद्देश्य युवाओं को ऐसे कौशल से जोड़ना है, जिनकी जरूरत कला, संस्कृति और पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में है। एकरारनामा पर हस्ताक्षर, बिहार कौशल विकास मिशन की ओर से मिशन निदेशक, श्री मनीष शंकर और बिहार संग्रहालय से अपर निदेशक, श्री अशोक कुमार सिन्हा द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को संग्रहालय में आने वाले लोगों को जानकारी देने, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सरल तरीके से समझाने तथा कला को समझने की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही लोक कला पर आधारित डिजाइन तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यानी युवा केवल किताबों से जानकारी नहीं लेंगे, बल्कि काम करने का तरीका भी सीखेंगे।
इस पहल से बिहार के युवाओं के लिए कला और संस्कृति के क्षेत्र में रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। संग्रहालय, पर्यटन, कला एवं हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में काम करने के साथ युवा अपने स्तर पर भी काम शुरू कर सकेंगे। बिहार कौशल विकास मिशन और बिहार संग्रहालय की यह पहल राज्य की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को युवाओं के कौशल से जोड़ने में मदद करेगी।


