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किशनगंज : सुरक्षित गृह में क्षमता से अधिक किशोर, डीएम ने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के दिए निर्देश

किशनगंज : सुरक्षित गृह में क्षमता से अधिक किशोर, डीएम ने शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के दिए निर्देश बाल संरक्षण व मानव व्यापार निवारण की संयुक्त समीक्षा बैठक में शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और पुनर्वास पर जोर

किशनगंज, 10 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बाल कल्याण समिति तथा जिला स्तरीय मानव व्यापार विरोधी समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बाल संरक्षण, किशोरों की शिक्षा, परवरिश योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन और मानव व्यापार की रोकथाम को लेकर विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि सुरक्षित स्थल में स्वीकृत 50 किशोरों की क्षमता के विरुद्ध वर्तमान में 84 किशोर आवासित हैं। इस पर डीएम ने उच्च कक्षाओं में पढ़ने वाले किशोरों के लिए विषयवार शिक्षकों की अविलंब प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया। साथ ही पेयजल में आयरन की समस्या का समाधान कराने तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके किशोरों को कौशल प्रशिक्षण और नियोजनालय से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को कहा।

बाल कल्याण समिति की समीक्षा में बताया गया कि इस वर्ष अब तक 213 मामले प्राप्त हुए, जिनमें 200 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से प्राप्त 839 मामलों में 837 मामलों का निष्पादन हुआ है। परवरिश योजना के तहत जिले में 404 लाभुकों को नियमित भुगतान किया जा रहा है। सर्वेक्षण में चिन्हित 85 संभावित लाभुकों का सत्यापन और पोर्टल पर पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

मानव व्यापार विरोधी समिति की समीक्षा में जिले की नेपाल और पश्चिम बंगाल से लगी सीमा को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। डीएम ने मानव व्यापार की रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण और प्रभावी अभियोजन के लिए विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने को कहा।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सीमावर्ती क्षेत्रों में एसएसबी, रेल पुलिस व आरपीएफ के समन्वय से विशेष निगरानी, लापता बच्चों के मामलों में त्वरित प्राथमिकी और सभी थानों में सूचना पट्ट प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। बाल श्रम के खिलाफ सघन छापेमारी तथा मुक्त कराए गए पीड़ितों को जीविका से जोड़कर पुनर्वास सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति व किशोर न्याय परिषद के सदस्य तथा एसएसबी, बीएसएफ और रेल थाना के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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