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विकास के क्षेत्र मे पानी की समस्या आज भी बरकरार नल जल योजना शोभा की वस्तु बनकर रह गई।।…

विकास के क्षेत्र मे पानी की समस्या आज भी बरकरार

नल जल योजना शोभा की वस्तु बनकर रह गई

पानी की बढती समस्याओं से आमजनो की बढ रही परेशानी

गुड्डू कुमार सिंह- गडहनी (भोजपुर) सरकार की महत्वकांक्षी योजना नल जल गाँवों की शोभा की वस्तु बनकर रह गई।सरकार की नजरों मे दिखाने के लिये हर घर तक पाइप टोंटी तो पहुंचा दिया गया लेकिन नल के जल के लिये आज भी ग्रामीण आस लगाये बैठे हैं।फाइलों मे ही सिमट कर रह जाने वाली योजनाएं वार्ड से लेकर मुखिया पंचायत सचिव बिडियो पर प्रश्नचिन्ह खडा करती है।समाजिक कार्यकर्ता धीरज सिंह विसेन का कहना है कि हमने कई गांवों का भ्रमण किया नल जल नली गली योजनाएं धरातल पर आज भी धराशायी है।प्रखण्ड के कुछेक पंचायत ही नल जल योजना का लाभ उठा पा रही है वो भी 70 – 80 फीसदी ही।अधिकांशतः गर्मी के दिनों मे पानी की समस्या जटिल होती है।चापाकलें सुखाने लगती है, पानी का लेयर भागने लगता है तब ग्रामीणों के सामने समस्या बढ जाती है।आज प्रखण्ड स्थित बिभिन्न गाँवो मे पानी की बढती समस्याओं से आम जनता परेशान है।दिनो प दिन पानी की समस्या जटिल होती जा रही है।लोगो को पीने का पानी भी बढी ही मुश्किल से मिल रही है। आगे क्या होगा इस बात की चिन्ता खाये जा रही है।किसी के पास इसका जबाब नही।घरेलू काम काज पानी के अभाव मे अस्त ब्यस्त हो रही है।जी हाँ यही हाल है गडहनी प्रखण्ड के बालबाँध पथार काउप धंधौली सुअरी सहंगी धमनिया बागवाँ गडहनी देवढी बलिगाँव बहरी सहित अन्य गाँवो मे नल जल योजना कागजों पर ही सिमट कर रह गई है।सरकारी ब्यवस्था मे भी बहुत सारी कमियाँ है जिसपर सरकार का ध्यान नही है।आज पीने के पानी की बढती समस्या के पीछे खेतों की सिंचाई के लिए बोरिंग का इस्तेमाल जबकि नदी का पानी सोन का पानी यूहीं बेकार मे बह रही है वही पानी अगर नहरों मे गिरता तो किसानो के साथ साथ आम जनता को भी राहत मिलती और घरेलू चापाकले भी सुरक्षित रहती।नहरों मे पानी के अभाव मे किसान बोरिंग का सहारा लेने पर मजबूर है।धरती का शोषण कर हम खुद को परेशानियों मे उलझाते जा रहे हैं।सरकार चाहे तो आज भी समस्याओं को दूर कर सकती है खेतो मे हरियाली चारो ओर खुशहाली ला सकती है।बढती हुई पानी की समस्याओं से निजात दिला सकती है घटते जल स्तर को रोक सकती है।इसके लिए हमे नदियों मे बाँध बनवाकर नहरों मे पानी की समुचित ब्यवस्था करनी होगी।सरकार इस पर ध्यान दे दे तो खुशहाली ही खुशहाली चारो ओर हरियाली होगी।डिजिटल इण्डिया मे इसे भी स्थान देकर देश को खुशहाल बनाया जा सकता है।एक उपाय से लाखो करोडो लोगो को फायदा हो सकते है।एक कहावत है – एक साधे सब सधे सब साधे ——–।

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