भोजपुर -मतदाता सूची प्रकाशन में लापरवाही, गडहनी बीडीओ पर उठे सवाल…
निर्धारित तिथि 4 मई 2026 के बाद भी सूची नहीं की गई सार्वजनिक, आम जनता में आक्रोश

गुड्डू कुमार सिंह/गडहनी (भोजपुर)।पंचायत आम निर्वाचन 2026 को लेकर जहां एक ओर जिला प्रशासन पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गडहनी प्रखंड में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार, पटना के पत्रांक 1505 दिनांक 09/05/2026, पत्रांक 1678 दिनांक 22/04/2026 एवं पत्रांक 1680 दिनांक 22/04/2026 के आलोक में 4 मई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाना था, लेकिन आरोप है कि गडहनी प्रखंड विकास पदाधिकारी अर्चना कुमारी के द्वारा इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।
*जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद नहीं हुआ अनुपालन*
जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत)-सह-जिला पदाधिकारी, भोजपुर के निर्देशानुसार सभी प्रखंडों में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर मतदाता सूची (प्रपत्र-1) का पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य पदों के लिए मतदाता सूची तैयार कर राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड भी किया गया है। प्रशासन ने 4 मई से 18 मई 2026 तक दावा-आपत्ति दर्ज करने का समय निर्धारित किया है, जबकि 5 जून 2026 को अंतिम प्रकाशन और 9 जून 2026 को जिला गजट में प्रकाशन की तिथि तय है।
*सूची नहीं दिखेगी तो सुधार कैसे होगा – ग्रामीण*
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सूची सार्वजनिक ही नहीं की गई, तो वे अपने नाम, पता या अन्य त्रुटियों में सुधार कैसे कर पाएंगे। गडहनी प्रखंड के एक ग्रामीण श्रीनिवास यादव ने कहा सरकार कह रही है कि आपत्ति दर्ज कराइए, लेकिन हमें सूची ही देखने को नहीं मिल रही है। ऐसे में हम अपनी गलती कैसे सुधारेंगे? वहीं एक अन्य ग्रामीण इमरान अहमद उर्फ सोनु ने नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्वाचन जैसा महत्वपूर्ण कार्य भी यहां मनमाने तरीके से किया जा रहा है। इससे आम लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
*बीडीओ की कार्यशैली पर उठे सवाल*
आम जनता का आरोप है कि बीडीओ की मनमानी के कारण निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। जहां जिला प्रशासन पारदर्शिता की बात कर रहा है, वहीं स्थानीय स्तर पर लापरवाही से पूरी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लग गया है।ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और मतदाता सूची को सार्वजनिक कर आम लोगों को उनका अधिकार दिलाए, ताकि वे समय रहते दावा-आपत्ति दर्ज करा सकें।इस संबंध मे बीडीओ के नम्बर पर संपर्क करने कि कोशिश की गई लेकिन संपर्क नही हो सका।

